दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
गृह सचिव ने आशंका जताई है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद CJP के समर्थक अलग-अलग राज्यों से दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए राज्यों को दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बनाकर जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
दिल्ली पुलिस ने क्यों रोकी प्रदर्शन की अनुमति?
दिल्ली पुलिस ने 9 अक्टूबर को जारी आदेश में CJP के प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया। पुलिस के मुताबिक, आवेदन में तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। इसके साथ ही जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में सभाओं के आयोजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 23 जुलाई 2018 के निर्देशों का हवाला दिया गया।
हर जगह सुरक्षा बढ़ी
गृह सचिव के पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि CJP और उससे जुड़े कुछ संगठनों या समर्थकों ने पहले के आयोजनों के दौरान पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया था। पत्र में पिछले प्रदर्शनों के कारण सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचने का भी दावा किया गया है। ये बातें गृह सचिव के पत्र में लगाए गए आरोप हैं। इन्हीं चिंताओं के आधार पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सभी राज्यों को दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बनाने को कहा
गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर काम करें और कानून के दायरे में रहते हुए जरूरी एहतियाती कदम उठाएं। निर्देश में कहा गया है कि राज्यों की खुफिया एजेंसियों, सीमा और परिवहन से जुड़े अधिकारियों तथा दिल्ली पुलिस के बीच लगातार जानकारी साझा की जाए। इसका उद्देश्य प्रदर्शन के लिए दिल्ली आने वाले लोगों की गतिविधियों को लेकर समन्वय बनाए रखना और किसी संभावित अव्यवस्था को रोकना है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी
CJP ने 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। दिल्ली पुलिस ने पहले भी प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करते हुए कम समय पहले आवेदन मिलने, पिछले आयोजन के दौरान कथित नियम उल्लंघन और सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया था।