नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपकर मामले में सख्त कार्रवाई करने और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की गई।
बीजेपी सांसदों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से भी अकोइजाम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, राष्ट्रपति से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज और मालविका देवी के साथ राज्यसभा सांसद एस. फांगनोन कोन्याक और गीता शाक्य शामिल थीं। बीजेपी की वरिष्ठ नेता रेखा शर्मा भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं।
बैठक के बाद बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी महिला अधिकारों की बात तो करती है, लेकिन अपने नेताओं से जुड़े मामलों में उसका रवैया अलग दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि JNU की छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए उनकी पार्टी आवाज उठाती रहेगी।
11 छात्राओं की शिकायतों से जुड़ा है मामला
यह पूरा विवाद JNU की 11 छात्राओं की ओर से अकोइजाम के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, छात्राओं ने मई 2026 में शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में कथित तौर पर अनुचित टिप्पणियों और दूसरे आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप लगाए गए थे।
मामले की जांच के बाद JNU ने 9 अक्टूबर को अकोइजाम को प्रोफेसर के पद से हटा दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर 11 अक्टूबर को मामला दर्ज किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अकोइजाम ने आरोपों को किया खारिज
अकोइजाम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया।
इस मामले को लेकर बीजेपी लगातार कांग्रेस पर दबाव बना रही है। पार्टी की महिला इकाई ने सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारियों ने अकोइजाम के खिलाफ कार्रवाई और कांग्रेस से उन्हें पार्टी से निकालने की मांग की।
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