नई दिल्ली: नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले दिव्यांगजनों के लिए सरकार ने FASTag से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब पात्र दिव्यांगजनों को टोल छूट वाला FASTag हर साल रिन्यू कराने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार ने इसकी वैधता दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर तय की है। नए नियम 2 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं। इससे पात्र लोगों को बार-बार कागजी प्रक्रिया पूरी करने से राहत मिलेगी।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने दिव्यांगजनों और उनके लिए इस्तेमाल होने वाले पात्र वाहनों को जारी किए जाने वाले छूट वाले FASTag के नियमों में संशोधन किया है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद टोल से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाना और पात्र लोगों को बेहतर सुविधा देना है।

70 से 100 प्रतिशत दिव्यांगता पर 5 साल की वैधता

नए नियमों के तहत FASTag की वैधता दिव्यांगता के प्रतिशत के हिसाब से तय होगी। जिन पात्र व्यक्तियों की दिव्यांगता 70 से 100 प्रतिशत के बीच है, उनके लिए जारी छूट वाला FASTag पांच साल तक वैध रहेगा। वहीं, 40 प्रतिशत या उससे अधिक लेकिन 70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों के FASTag की वैधता तीन साल होगी। वैधता पूरी होने के बाद FASTag का रिन्यूअल कराया जा सकता है, लेकिन इसके लिए तय नियमों के अनुसार पात्रता बनी रहनी जरूरी है।

इससे पहले छूट वाले FASTag को हर साल रिन्यू कराना अनिवार्य था। अब लंबी वैधता मिलने से लाभार्थियों को बार-बार आवेदन और दस्तावेजों से जुड़ी औपचारिकताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

किन वाहनों को मिलेगा टोल छूट वाले FASTag का फायदा

सरकार के संशोधित दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इस सुविधा के दायरे में दो तरह के पात्र वाहन शामिल हैं। पहला, ऐसे वाहन जिन्हें शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के इस्तेमाल के लिए खास तौर पर डिजाइन और तैयार किया गया है। दूसरा, ऐसे वाहन जो रजिस्ट्रेशन के दौरान मालिकाना श्रेणी में ‘दिव्यांगजन’ के नाम से दर्ज हैं। FASTag जारी करते समय दिव्यांगता प्रमाणपत्र, यूनिक डिसेबिलिटी आईडी यानी UDID कार्ड या अन्य मान्य रिकॉर्ड में दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत को आधार बनाया जाएगा।

क्या सभी दिव्यांगजनों को मिलेगी टोल से छूट?

यह समझना जरूरी है कि सिर्फ दिव्यांग होने से किसी भी वाहन को अपने आप टोल छूट नहीं मिल जाती। इस सुविधा का लाभ उन्हीं लोगों और वाहनों को मिलेगा, जो निर्धारित नियमों के तहत पात्र हैं। इसके अलावा टोल छूट राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुसार ही लागू होगी।

सरकार के इस फैसले से पात्र दिव्यांगजनों के लिए टोल छूट से जुड़ी प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। पांच साल तक FASTag की वैधता मिलने से खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें पहले हर साल इसके नवीनीकरण की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।

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