नई दिल्ली: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने ASHA वर्कर्स को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ASHA वर्कर्स के इंसेंटिव को दोगुना करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जमीनी स्तर की महिला कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली ASHA वर्कर्स को इस फैसले से आर्थिक लाभ मिलेगा।

ASHA वर्कर्स को क्यों दिया गया इंसेंटिव?

ASHA यानी Accredited Social Health Activist ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी होती हैं। ये स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों के बीच संपर्क का काम करती हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और लोगों को अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

ASHA वर्कर्स को आमतौर पर उनके अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी कार्यों और जिम्मेदारियों के आधार पर इंसेंटिव दिया जाता है। ऐसे में इंसेंटिव बढ़ाने का फैसला उनके लिए सीधे तौर पर आर्थिक राहत से जुड़ा है।

रेखा गुप्ता सरकार ने लिया फैसला

दिल्ली सरकार की ओर से ASHA वर्कर्स के इंसेंटिव को दोगुना करने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं पर जोर दे रही है। सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका को बेहतर तरीके से समर्थन देना जरूरी है। इस फैसले से ASHA वर्कर्स को उनके काम के लिए मिलने वाला आर्थिक प्रोत्साहन बढ़ेगा। इससे उन्हें अपने काम को और प्रभावी तरीके से करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य व्यवस्था में ASHA की अहम भूमिका

ASHA वर्कर्स का काम सिर्फ लोगों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है। वे कई सरकारी स्वास्थ्य अभियानों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने का काम भी करती हैं। बच्चों के टीकाकरण से लेकर गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में इनकी भूमिका रहती है। खास तौर पर ऐसे परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पहुंचाने में ASHA वर्कर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जहां सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का इस्तेमाल कम होता है।

सरकार के फैसले से क्या बदलेगा?

इंसेंटिव दोगुना होने से ASHA वर्कर्स को अपने काम के बदले पहले की तुलना में अधिक आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार के इस फैसले को फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के योगदान को मान्यता देने के कदम के तौर पर भी देखा जा रहा है। दिल्ली सरकार की ओर से स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के लिए किए जा रहे फैसलों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करना है। ASHA वर्कर्स को मिलने वाला बढ़ा हुआ इंसेंटिव भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दिल्ली सरकार के फैसले पर नजर

ASHA वर्कर्स के इंसेंटिव को दोगुना करने के फैसले के बाद अब इसकी लागू होने की प्रक्रिया और भुगतान से जुड़ी विस्तृत जानकारी महत्वपूर्ण होगी। इससे दिल्ली में काम कर रही ASHA वर्कर्स को मिलने वाले वास्तविक आर्थिक लाभ की तस्वीर साफ होगी।

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