Dengue Vaccine: भारत में डेंगू के बढ़ते आंकड़े चौंका रहे है। हर साल डेंगू का डंक कई हजार लोगों को सताता है। 12 दिनों में डेंगू के 121 मामले सामने आने के बाद आंकड़े का ग्राफ लगातार तेजी से बढ़ा। जिसने स्वास्थ्य विभाग को गहरी चिंता में डाल दिया। दिल्ली नगर निगम की तरफ से भी घर-घर जाकर मच्छर का लार्वा पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन भारत में डेंगू से बचाव की सबसे बड़ी उपलब्धि आखिरकार मिल चुकी है। भारत में पहली डेंगू वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है।

भारत में अगले साल आएगी वैक्सीन

भारत में अगले वर्ष के शुरुआती 6 महीनों के अंदर डेंगू की पहली वैक्सीन जल्द आ सकती है। भारत के सेंट्रल ड्रग्स सटेंडर्स कंट्रोल ऑरग्रेनाइजेशन (CDSCO) से जापानी दवा कंपनी ताकेदा की वैक्सीन QDENGA को मार्केटिंग अथॉराइजेशन मिल चुका है। डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज के साथ भारत में इस वैक्सीन को मार्केंट में उपलब्धि कराने के लिए ताकेदा ने एग्रीमेंट कर लिया है। जल्द ही कंपनी इस वैक्सीन का प्रमोशन और बाजार में इसकी बिक्री का काम संभालेगी।

डेंगू के चारों स्ट्रेन पर काम करेगी वैक्सीन

भारत में डेंगू वैक्सीन 4 से 60 साल की उम्र के लोगों को यह वैक्सीन लगाने की मंजूरी दी गई है। वैक्सीन की 2 डोज दी जाएगी, लेकिन पहली डोज के बाद दूसरी डोज देने के समय में 3 महीने का अंतर रखा जाएगा। अगर आपको पहले डेंगू हो चुका है तब भी आप इस वैक्सीन को लगवा सकते हैं। क्योंकि डेंगू के चार स्ट्रेन पाए जाते हैं। संक्रमण के बाद मरीज के शरीर में एक स्ट्रेन से एंटीबॉडी बन भी गई है तो दूसरे के होने का भी खतरा ज्यादा रहता है। इसमें खास बात यह है कि यह वैक्सीन डेंगू के चारों स्ट्रेन पर एक जैसा असर करेगी।

डेंगू के खिलाफ लड़ाई में क्या कारगर होगी वैक्सीन?

दरअसल डेंगू मुख्य तौर पर संक्रमित एडिज (मादा) मच्छरों के काटने से होती है। बीते 2 दशकों के आंकड़ों पर अगर गौर किया जाए तो भारत में डेंगू के मामलों में तेजी वृद्धि देखी गई है। डेंगू के कारण हर वर्ष कई लोगों की मौत भी हो जाती है। ऐसे में डेंगू की वैक्सीन आने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा की इस गंभीर बीमारी के लक्षणों से मरीज अपना बचाव कर सकता है। साथ ही अगर आप पहले से ही वैक्सीन की डोज लगवा लेते हैं तो इस बीमारी से होने वाली मौत के रिस्क को भी खत्म किया जा सकता है।

वैक्सीन कैसे काम करती है?

महामारी विशेषज्ञ डॉ जुगल किशोर इस वैक्सीन के बारे में बताती है कि पीछले कई सालों से इस वैक्सीन को लेकर काम किया जा रहा था। इसको सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) से मार्केटिंग अथॉराइजेशन का ग्रीन कार्ड भी मिल गया। वैक्सीन आने के बाद डेंगू को हराने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। लेकिन वैक्सीन उपलब्ध के बाद भी मच्छरों से बचाव करना हर किसी के लिए जरूरी है।


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