मनोरंजन
काला हिरण फिल्म विवाद में नया मोड़! सुप्रीम कोर्ट पहुंचे निर्माता, बोले- मिल रही धमकियां
'काला हिरण' के निर्माता अमित जानी ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जिसमें फिल्म के टीजर और प्रचार सामग्री को हटाने का निर्देश दिया गया था।
सलमान खान के जीवन पर आधारित फिल्म काला हिरण द बैटल फॉर लिगेसी के टीचर हटाने का मामला अब हाईकोर्ट से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर पहुंच चुका है। 'काला हिरण' के निर्माता अमित जानी ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जिसमें फिल्म के टीजर और प्रचार सामग्री को हटाने का निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही फिल्म निर्माता ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें इस फिल्म को लेकर लगातार धमकियां भी मिल रही है, जिसकी शिकायत उन्होंने गृह मंत्रालय में भी की है।
पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन
दरअसल हाईकोर्ट ने फिल्म निर्माता अमित जानी को फिल्म का टीजर और इससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट हटाने का आदेश दिया था। इस फिल्म पर रोक लगाने के लिए अभिनेता सलमान खान ने याचिका दायर की थी। अभिनेता सलमान खान ने कहा कि यह फिल्म उनकी पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन है। इसे लेकर अब काला हिरण के निर्माता ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए अपनी बात रखी।
क्या बोले फिल्म निर्माता अमित जानी
फिल्म निर्माता अमित जानी ने कहा कि 'काला हिरण-द बैटल फॉर लिगेसी' का टीज़र हटाने पर दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अमित जानी के मुताबिक 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर "काला हिरण" का टीजर हटाने का आदेश दिया। हम हाईकोर्ट के आदेश से सहमत नहीं हैं। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर टीज़र और सभी इंटरव्यू को बहाल करने की बात कही। दरअसल हाईकोर्ट ने संज्ञान दिया कि इंटरव्यू इसलिए हटवाने का आदेश दिया क्योंकि इसमें सलमान के अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन दिखाए गए हैं।हमने किसी इंटरव्यू में नहीं कहा है कि सलमान खान अंडरवर्ल्ड से कनेक्टेड हैं।
ये सलमान खान की फिल्म नहीं है
हमने हाई कोर्ट को सब बताया। जिसको समझा नहीं गया और सुनने का समय नहीं दिया गया। हमें पूरा समय हाई कोर्ट में नहीं मिला इसलिए हमने सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दाखिल की है कि ये सलमान खान की फिल्म नहीं है। फिल्म को बैन लगाने का कोई आदेश नहीं है बस एक टीजर हटाने का आदेश है जिससे हम सहमत नहीं है। हमें धमकियां मिल रही है तो हम क्या ये भी न कहे। यह लोकतंत्र की हत्या है। हमने यही सुप्रीम कोर्ट को बताया है।
हाईकोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी पर लगा दी रोक
इस पूरे मामले में फिल्म निर्माता ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट में अमित जानी ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। उनका पक्ष है कि फिल्म बनाना और सार्वजनिक घटना को अपनी कहानी के नजरिए से देखना अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में आता है।
हाईकोर्ट में सलमान खान ने दायर की थी याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म निर्माता ने दलील दी थी कि टीजर में कहीं पर भी सीधे तौर पर सलमान खान का नाम नहीं लिया गया है। वकील का कहना है कि फिल्म का यह केवल टीजर है। इसमें किसी तरह का जीपफेक या आर्टिफिशियल इंडेलीजेंस का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब सलमान खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें सलमान खान ने बताया कि फिल्म के जरिए नाम और इनकी पहचान का इस्तेमाल किया गया। फिल्म उनके 1998 के काला हिरण मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसमें उनकी छवि को ऐसे दर्शाया गया है जिससे लोगों के बीच उनके प्रति गलत धारणा बने।
Written By: MADHVI TANWAR
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