Stock Market Today: मंगलवार को भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार यानी 16 सितंबर को मजबूत शुरुआत की। कारोबार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में नजर आए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 425 अंक की बढ़त के साथ 74,428 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी करीब 138 अंक चढ़कर 23,256 के आसपास कारोबार करता दिखा। मंगलवार की तेज बिकवाली के बाद बाजार में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत देने वाली रही।

कल बाजार में क्यों मचा था हाहाकार?

इससे पहले मंगलवार का कारोबारी सत्र शेयर बाजार के लिए काफी कमजोर रहा था। सेंसेक्स 777.94 अंक यानी करीब 1.04 फीसदी टूटकर 74,003.82 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 279.50 अंक यानी करीब 1.19 फीसदी की गिरावट के साथ 23,118.60 पर बंद हुआ। इस दौरान निफ्टी ने करीब पांच महीने का निचला स्तर भी छुआ था। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली थी और कई बड़े शेयरों में दबाव रहा था।

मंगलवार की गिरावट के पीछे वैश्विक बाजारों से जुड़े संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और निवेशकों की सतर्कता जैसे कई फैक्टर बताए गए। ऐसे में बुधवार की शुरुआत में बाजार में खरीदारी लौटना अहम रहा।

खुलते ही किन शेयरों ने पकड़ी रफ्तार?

बुधवार के शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। ITC, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अडानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। इन शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांकों को भी सहारा मिला। बाजार की शुरुआत में निवेशकों का फोकस बड़े और प्रमुख शेयरों पर रहा। हालांकि, शुरुआती तेजी के आधार पर पूरे दिन के बाजार का रुख तय नहीं माना जा सकता, क्योंकि कारोबार के दौरान वैश्विक संकेतों और घरेलू गतिविधियों के आधार पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

बाजार में तेजी के पीछे क्या वजह?

मंगलवार की भारी गिरावट के बाद बुधवार को कुछ शेयरों में निचले स्तरों से खरीदारी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद कुछ निवेशकों की ओर से खरीदारी लौटना तेजी की एक वजह हो सकती है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों के संकेत भी भारतीय बाजार की शुरुआती चाल को प्रभावित करते हैं।

हालांकि, बाजार के लिए जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर से जुड़ी उम्मीदें अभी भी निवेशकों के लिए अहम फैक्टर बने हुए हैं। इन संकेतों में बदलाव होने पर भारतीय बाजार में भी असर देखने को मिल सकता है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी अहम

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की गतिविधियां भी लगातार चर्चा में हैं। 15 सितंबर के कारोबार में एफआईआई ने भारतीय इक्विटी बाजार में करीब 2,977.86 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई ने करीब 2,686.05 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव डाल सकती है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी गिरावट के दौरान बाजार को कुछ सहारा देती है। यही वजह है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में एफआईआई और डीआईआई के आंकड़े भी बाजार की दिशा समझने के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

निवेशकों की नजर अब किन चीजों पर?

बुधवार को बाजार की शुरुआती बढ़त के बाद अब निवेशकों की नजर दिनभर के कारोबार पर रहेगी। खासतौर पर वैश्विक बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमत, डॉलर की स्थिति और अमेरिकी फेड से जुड़े संकेत बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। मंगलवार की तेज गिरावट के बाद बुधवार की शुरुआती तेजी से बाजार में माहौल जरूर बदला है, लेकिन केवल शुरुआती बढ़त के आधार पर यह मान लेना ठीक नहीं होगा कि बाजार में लगातार तेजी जारी रहेगी। दिन के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी के साथ-साथ अलग-अलग सेक्टर और शेयरों की चाल भी बदल सकती है।

शेयर बाजार में जोखिम को समझना जरूरी

शेयर बाजार में तेजी और गिरावट दोनों सामान्य हैं। किसी शेयर में एक दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को कंपनी के नतीजे, कारोबार, वैल्यूएशन और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेना चाहिए।
फिलहाल बुधवार की शुरुआत में मंगलवार की भारी गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी लौटी है और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि शुरुआती तेजी कारोबार के अंत तक कितनी कायम रहती है।

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