Share Market : भारतीय शेयर बाजार बीते 3 दिन की तेजी के बाद आज फिर से मुंह के बल गिर गया है। इसमें वैश्विक दबाव, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण लगातार उतार-चढ़ाव और गिरावट का माहौल देखा गया। है। इसका सीधा असर भारतीय रुपये पर भी देखने को मिला है। शुरुआती कारोबार पर अगर एक नजर डाले तो आज रूपया 16 पैसे से टूटकर 96 प्रति डॉलर से भी नीचे आ चुका है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी की वजह से घरेलू मुद्रा पर अधिक दबाव देखा गया है। इसकी वजह से Sensex Tumbles 500 Points शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 503 अंक और निफ्टी 151 अंक नीचे फिसल गया
कच्चे तेल की कीमतों में उधाल
विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि लगातार कच्चे तेल की मजबूत कीमतों और अमेरिका में बाजार मूल्य के आधार और वास्तविक प्रतिफल बढ़ने की वजह से भारतीय रुपये पर ज्यादा दबाव पड़ा है। यह दोनों कारण भारत समेत उभरते बाजारों में निवेश के दौरान देखे गए। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.03 प्रति डॉलर पर खुला। फिर टूटकर 96.13 प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 16 पैसे की गिरावट है। रुपया सोमवार को 95.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
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अमेरिकी मुद्रा दिखाने वाला डॉलर सूचकांक बढ़ा
दुनिया की 6 प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दिखाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत से बढ़कर 101.23 पर आ गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स की शुरुआत 503 अंक टूटकर 72,260.09 अंक पर रही। निफ्टी 151 अंक फिसलकर 22,626.50 अंक पर आ पहुंचा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा कारोबार में भाव 1.51 प्रतिशत बढ़कर 106.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है। इस वृद्धि को होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा को माना जा रहा है।
अनिश्चितता और विदेशी निधियों की निकासी एक बड़ा कारण
इस समय पश्चिमी एशिया की स्थिति अनिश्चितता और विदेशी निधियों की निकासी एक बड़ा कारण है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में वृ्द्धि की वजह से मंगलवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट हुई। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 503 अंक गिरकर 72,260.09 पर आ पहुंचा।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 151 अंक गिरकर 22,626.50 पर पहुंच गया। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स और इंफोसिस प्रमुख रूप से पिछड़ गईं। सन फार्मा, इंटरग्लोब एविएशन और अदानी पोर्ट्स ने लाभ कमाया।
अमेरिका ईरान संघर्ष मुख्य कारण
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.74 प्रतिशत बढ़कर 107.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण भारतीय शेयर बाजारों पर अच्छा खासा दबाव देखने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि, अमेरिका इस संघर्ष में 'बहुत जल्द' जीतेगा। जबकि अधिकारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए मध्यस्थों से बातचीत की जा रही है। लेकिन बातचीत को लेकर काफी अनिश्चितता देखी गई है। जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं हैं।
गिरावट की मुख्य वजह
कच्चे तेल की कीमतें: ब्रेंट क्रूड ऑयल में तेजी।
भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका-ईरान संघर्ष और अनिश्चितता।
विदेशी निवेशकों की निकासी: FIIs द्वारा लगातार बिकवाली।
बॉन्ड यील्ड: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती
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निवेशकों के लिए सलाह
इमरजेंसी फंड: बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान निवेश बनाए रखने के लिए पहले से आपातकालीन फंड तैयार रखें।
घबराहट में बिकवाली से बचें: क्वालिटी ब्लू-चिप शेयरों में लंबी अवधि का नजरिया रखें।
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट (SIP): बाजार की हर बड़ी गिरावट का उपयोग चुनिंदा और मजबूत शेयरों में चरणबद्ध तरीके से निवेश के लिए करें।