उत्तर प्रदेश : बड़े पद पर अपनी सेवाएं देने के बाद IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबरे जितनी ज्यादा सुर्खियों का हिस्सा बनी रही। लेकिन उससे भी ज्यादा हलचल उनकी राजनीति में एंट्री को लेकर हो रही है। इसका ऐलान उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर साझा किया है। जिसमें दिव्या मित्तल ने इस फैसले के पीछे का कारण भी बताया है।

दिव्या मित्तल ने जारी किया वाट्सएप नंबर

अपने 13 साल के प्रशासनिक सफर को अलविदा कह चुकी पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत के लिए उत्तर प्रदेश को चुना है। इसके साथ ही दिव्या मित्तल ने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि वह किसी पार्टी में शामिल नहीं होगी बल्कि अकेले चलेंगी। क्योंकि उनके इस्तीफा देने के बाद कई सवाल खड़े हुए थे। जिसमें पहला सवाल यही था कि आखिर वह आगे क्या करने वाली है।

लेकिन लगातार सवालों की सुगबुगाहट पर आखिरकार दिव्या मित्तल ने खुद सामने आकर इन सवालों पर पूर्ण विराम लगा दिया। उन्होंने एक वीडियो जारी कर लोगों से संवाद शुरु किया। दिव्या मित्तल ने एक वाट्सएप नंबर (9198956957) जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि लोग अपना कोई भी संदेश उन्हें भेज सकते हैं।

उठ रहे थे कई सवाल

दिव्या मित्तल का राजनीति में कदम काफी ज्यादा महत्वपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि उनके राजनीति में आने से पहले कई सवाल सुर्खियों में छाए हुए थे। इस्तीफे के बाद खुद ने सोशल मीडिया के जरिए इन सवालों को और भी ज्यादा मजबूत बना दिया था। परिवार को समय देने के साथ-साथ विदेश जाने, कोचिंग देने और किताब लिखने व राजनीति में आने के कयासत तो पूर्व में ही लगाए जा चुके थे।


किस पार्टी का थामेंगी दामन

दिव्या मित्तल के एक ऐलान से राजनीतिक गलियारों में हलचले तेज हो गई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा था कि आखिर दिव्या किस पार्टी में शामिल होंगी। लेकिन उन्होंने वीडियो जारी कर यह साफ कर दिया है कि वह केवल लोगों के लिए काम करेंगी। जिन झंडों ने 80 साल में सिस्टम नहीं बदला उनके नीचे खड़े होकर हिसाब मांगना बेकार है। उनका कहना है कि उन्हें पुल, सरकारी जमीनों, स्कूल और सड़क का हिसाब चाहिए।

जाति-धर्म को लेकर क्या बोली दिव्या मित्तल

दिव्या मित्तल ने जाति-धर्म समीकरण को लेकर कहा कि मैने किसी का नाम पूछकर न्याय नहीं करा है। तकरीबन 80 साल राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने समीकरण बिठाए जिसकी वजह से देश बैठ गया। दिव्या मित्तल का कहना है कि राजनीति एक आदमी नहीं बलकी सबके साथ मिलकर बनती है।


अलग पार्टी बनाएंगी दिव्या मित्तल

पू्र्व आईएएस ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों के कई सवालों का इंतजार आखिरकार खत्म कर दिया है। दिव्या मित्तल ने राजनीतिक दल बनाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने यूपी की राजनीति में अपनी एंट्री को लेकर साफ कर दिया है। ऐसे में अब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का आगाज हो चुका है। बता दें कि दिव्या मित्तल से पहले भी कई नौकरशाह ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीति में अपने सफर की शुरुआत कर ली है। ऐसे में अब दिव्या मित्तल द्वारा नई पार्टी बनाए जाने के ऐलान ने राजनीति गलियारों में हलचल तेज कर दी है।


ऐसे शुरु हुआ उनका करियर

दिल्ली IIT और IIM बेंगलुरु से अपनी पढ़ाई कर दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा में आने का विचार किया। लेकिन देश में प्रशानिक सेवा देने से पूर्व दिव्या मित्तल अच्छे पैकेज पर विदेश में नौकरी करने लगी। लेकिन बाद में उन्होंने देश सेवा का मन बना लिया। आईएएस बनने के बाद दिव्या मित्तल ने संत कबीरनगर, देवरिया, और मीरजापुर समेत कई जिलों में जिलाधिकारी की कमान संभाली। मीरजापुर के लहुरियादह गांव में पाईप लाइन के माध्य से हर घर जल पहुंचाने की मुहिम ने पहचान दिलाई।


जानिए दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सफर

साल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने बीते माह 30 अगस्त को प्रशासनिक सेवा से अपना त्यागपत्र दे दिया था। 15 सितंबर 2026 को शासन द्वारा इसे स्वीकार कर लिया गया था। दिव्या मित्तल ने तकरीबन 13 साल के प्रशासनिक करियर को समाप्त कर दिया। अपने 13 साल के प्रशासनिक सफर में दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में संयुक्त मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात थी। इसके बाद वह गौतमबुद्ध नगर में सीडीओ के पद पर और कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुकी है। बरेली में वह बतौर बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष रहीं है। इसके बाद उन्होंने संतकबीरनगर और मीरजापुर में जिलाधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दी है।

राजनीति सिस्टम पर साधा निशाना

दिव्या मित्तल ने राजनीतिक सिस्टम पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता है, शोर है पर सोच नहीं है। मुझे उतना सोचने का हिसाब चाहिए। राजनीति में पैसा और ताकत को लेकर दिव्या मित्तल ने कहा कि चुनाव में बहाया जाने वाला पैसा अगर हम सड़क, पुल निर्माण और स्कूल बनवाने में इस्तेमाल करें तो भला होगा।

 

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