Houthi Attack Yemen: यमन के दक्षिणी शहर अदन में राष्ट्रपति महल अल-मआशिक को निशाना बनाकर किए गए हूती हमले में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। अल जजीरा ने यमन के स्वास्थ्य मंत्री कासिम मोहम्मद बुहैबेह के हवाले से यह जानकारी दी है। हमले के बाद हूती विद्रोहियों और यमन की सरकारी सेनाओं के बीच संघर्ष और तेज हो गया है।

हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हमले की जिम्मेदारी ली। उन्होंने दावा किया कि अदन में सऊदी अरब के सैन्य अभियान मुख्यालय को निशाना बनाया गया। हूतियों ने कहा कि सऊदी सैन्य जमावड़े और सैन्य मौजूदगी उनके लिए वैध लक्ष्य हैं। हालांकि, हमले से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।


राष्ट्रपति परिषद के प्रमुख बोले- सरकारी संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाई जाए
यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष राशद अल-अलीमी ने हमले को यमन और सऊदी अरब के हवाई अड्डों तथा तेल प्रतिष्ठानों पर हो रहे हमलों का विस्तार बताया। उन्होंने सरकारी बलों को राज्य के संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने और खतरे के स्रोतों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

अल-अलीमी के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में शुरू किया गया 'डॉन ऑफ यमन' अभियान अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों को बहाल करना और पूरे देश में सरकार का नियंत्रण स्थापित करना है। अभियान के अंतिम लक्ष्य में राजधानी सना तक सरकारी नियंत्रण पहुंचाना भी शामिल है।

वहीं, यमन के युवा मंत्री नायेफ सालेह अल-बकरी ने कहा कि अदन में मौजूद मंत्रिमंडल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हमले के बावजूद सरकार के सदस्य शहर नहीं छोड़ेंगे।

सरकारी सेना का दावा- 24 घंटे में हूती ठिकानों पर 1,250 हमले
यमन की सरकारी सेनाओं ने दावा किया है कि 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में हूती ठिकानों पर 1,250 हमले किए गए। सरकारी सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली के अनुसार, इन अभियानों में लड़ाकू विमानों, ड्रोन, तोपों और रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने 150 हूती वाहनों को नष्ट करने का भी दावा किया।

प्रवक्ता के मुताबिक, इन हमलों से हूतियों के कई किलेबंद ठिकानों को नुकसान पहुंचा, खासकर ताइज मोर्चे पर। इन सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

मारिब शहर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप
मारिब गवर्नरेट के मीडिया कार्यालय ने आरोप लगाया कि गुरुवार शाम हूतियों ने मारिब शहर की ओर नौ बैलिस्टिक मिसाइलें और सात अन्य प्रोजेक्टाइल दागे। कार्यालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाना नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उसने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से नागरिकों की सुरक्षा तथा जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।

सऊदी अरब के तेल ठिकानों और रियाद एयरपोर्ट को निशाना बनाने का दावा
यमन में बढ़ते संघर्ष के बीच हूतियों ने बुधवार को सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले करने का दावा भी किया था। हूती प्रवक्ता याह्या सरी के अनुसार, समूह ने पूर्वी प्रांत में सऊदी अरामको की सुविधाओं, रास तनुरा रिफाइनरी और हवाई अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों तथा ड्रोन से निशाना बनाया।

उन्होंने इन हमलों को यमन के खिलाफ सऊदी कार्रवाई का जवाब बताया। हूतियों ने लक्षित ठिकानों पर आग लगने और नुकसान होने का दावा किया, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। समूह ने चेतावनी दी कि सऊदी अरब के क्षेत्र में उसके अभियान जारी रह सकते हैं।

सरी ने एक अन्य पोस्ट में आरोप लगाया कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन की राजधानी सना समेत कई प्रांतों में 65 हवाई और मिसाइल हमले किए। उनके दावे के अनुसार, संघर्ष बढ़ने के बाद से ऐसे हमलों की कुल संख्या 2,388 हो गई है। इन आंकड़ों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सऊदी अरब ने ईरान पर लगाए गंभीर आरोप
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री रायद क्रिमली ने ईरान पर हूती विद्रोहियों को समर्थन देकर संघर्ष बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान हूतियों को हथियार, प्रशिक्षण और सहायता उपलब्ध करा रहा है। सऊदी अधिकारी ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और मार्च 2023 में चीन की मध्यस्थता से हुए सऊदी-ईरान समझौते की भावना के विपरीत बताया।

क्रिमली ने यह आरोप भी लगाया कि रूस और चीन में मौजूद कुछ तत्व ईरान तथा हूतियों को तकनीकी क्षमताएं या खुफिया जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब इन मुद्दों पर दोनों देशों के साथ बातचीत करता रहेगा। ये आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में मदद करेगा फ्रांस
फ्रांस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पास्कल कॉन्फाव्रू ने बताया कि फ्रांस ने सऊदी अरब में उसके तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में मदद के लिए सैन्य संसाधन तैनात करने शुरू कर दिए हैं। इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यानबू की सुरक्षा के लिए सैनिक और रक्षा प्रणालियां भेजने की बात कही थी। यानबू लाल सागर के किनारे स्थित एक महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन केंद्र है।

इस बीच, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में यमन ऑयल कंपनी के अल-सबाहाह सेंट्रल स्टेशन के आसपास मौजूद नागरिकों को संभावित सैन्य कार्रवाई से पहले वहां से हटने की चेतावनी दी थी। गठबंधन ने खामिस मुशैत की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और रियाद के उत्तर में तीन ड्रोन निष्क्रिय करने का दावा भी किया। हूतियों ने अलग से सऊदी निगरानी विमान को मार गिराने का दावा किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

2014 से जारी है संघर्ष, लाल सागर के व्यापार पर भी खतरा
यमन में संघर्ष 2014 में तेज हुआ था, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया। इसके बाद 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया। ताजा हिंसा ने क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

खासकर लाल सागर और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा पर इसका असर पड़ने की आशंका है।

यमन की विदेश मंत्री अफरा अल-जौबा ने भी ताइज में जारी संघर्ष और बिगड़ते मानवीय हालात पर यूरोपीय देशों से अधिक सख्त रुख अपनाने की अपील की है। उन्होंने यूरोपीय संघ के यमन में राजदूत पैट्रिक सिमोने से बातचीत के दौरान विस्थापन और मानवीय संकट पर चर्चा की। यमन में बढ़ते हमलों के बीच नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा प्रतिष्ठानों की हिफाजत और लाल सागर में समुद्री व्यापार की निरंतरता अंतरराष्ट्रीय चिंता के प्रमुख मुद्दे बन गए हैं।

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