म्यूनिख : वर्ल्ड उइगर कांग्रेस (WUC) की साप्ताहिक रिपोर्ट में उइगर समुदाय के मानवाधिकारों, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी पैरवी, जबरन श्रम और सीमा-पार दमन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय नागरिक समाज मंचों पर हुई हालिया गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।

WUC के अनुसार, संगठन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की कि वॉशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक के दौरान उइगरों के साथ होने वाले व्यवहार का मुद्दा उठाया जाए। संगठन ने कहा कि अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़ी चर्चाओं में उइगर अधिकारों का मुद्दा शामिल रहना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत है।

अमेरिकी सांसदों ने भी उठाया मुद्दा

WUC की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कांग्रेस के 37 सदस्यों ने राष्ट्रपति ट्रंप से चीन के ‘जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने वाला कानून’ को लेकर चिंता व्यक्त करने का आग्रह किया।

रिपोर्ट में कहा गया कि सांसदों ने इस कानून के उइगर, तिब्बती और अन्य समुदायों पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। इसके अलावा चीन की सीमाओं के बाहर असंतुष्टों को निशाना बनाए जाने से जुड़ी चिंताओं का भी उल्लेख किया गया।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में उइगर प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी

WUC ने 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 63वें सत्र में उइगर प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी को भी अपनी रिपोर्ट में प्रमुखता दी।

संगठन के मुताबिक, WUC अध्यक्ष तुरगुनजान अलावदुन, UZDM अध्यक्ष डोल्कुन ईसा और WUC सूचना केंद्र के निदेशक इफ्तिखार अब्दुराशिद ने उइगरों की स्थिति, शरणार्थियों के सामने मौजूद जोखिम और अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही की आवश्यकता से जुड़े मुद्दे उठाए।

रिपोर्ट के अनुसार, परिषद की सामान्य बहस के दौरान कई यूरोपीय देशों और यूरोपीय संघ ने भी चीन से जुड़े मानवाधिकार मुद्दों पर चिंता व्यक्त की।

उइगरों के जबरन श्रम पर भी चर्चा

WUC की रिपोर्ट में उइगर जबरन श्रम का मुद्दा भी शामिल है। WUC और UZDM ने RightsCon में एक सत्र आयोजित किया, जिसमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम के जोखिम की पहचान और कंपनियों की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई।

सत्र में व्यापार संबंधी आंकड़ों, सप्लाई-चेन मैपिंग और कंपनियों द्वारा जोखिमों की जांच के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों पर भी चर्चा की गई।

सीमा-पार दमन के खिलाफ कार्रवाई की मांग

WUC ने 23 सितंबर के एक बयान का भी उल्लेख किया, जिस पर 130 से अधिक संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने हस्ताक्षर किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने सीमा-पार दमन के खिलाफ मजबूत कार्रवाई की मांग की।

इसमें कथित उत्पीड़न, मनमाने तरीके से हिरासत में लिए जाने, यात्रा प्रतिबंधों, डिजिटल निगरानी और अंतरराष्ट्रीय तंत्र के कथित दुरुपयोग जैसे मुद्दों को लेकर उपाय करने की अपील की गई।

WUC ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में इन घटनाक्रमों को उइगर अधिकारों, जवाबदेही और मानवाधिकार रक्षकों की सुरक्षा से जुड़े व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा बताया है।

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