अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान में गोपनीय सूचनाओं के लीक होने के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार करीब 50 वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया है। जांच का केंद्र यह पता लगाना है कि ईरान के साथ युद्ध से जुड़ी संवेदनशील सैन्य जानकारियां पत्रकारों तक कैसे पहुंचीं।
लीक हुई जानकारी को लेकर जांच तेज
एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना के जॉइंट स्टाफ से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से अगस्त में पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान सवाल पूछे गए। उनसे यह जानने की कोशिश की गई कि क्या उन्होंने मीडिया से संपर्क कर ऐसी जानकारी साझा की थी, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जाना था। जांच में खास तौर पर उन रिपोर्टों पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनमें ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना के हथियारों और मिसाइलों के भंडार पर दबाव की बात सामने आई थी। इनमें लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले इंटरसेप्टर की संभावित कमी से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं।
पेंटागन ने क्या कहा?
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने आंतरिक जांच या कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गोपनीय सूचनाओं का अनधिकृत खुलासा बेहद गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में विभाग उचित प्रक्रिया के तहत जांच करता है। पार्नेल के मुताबिक, अमेरिका और विदेशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील सैन्य सूचनाओं को सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इस बीच, 5 मई के बाद से रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान युद्ध को लेकर कोई प्रेस ब्रीफिंग नहीं की है। इसी अवधि में पेंटागन ने पत्रकारों की पहुंच और रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों को भी पहले की तुलना में अधिक सख्त किया है।
पेंटागन की कार्रवाई पर भी सवाल
मीडिया और पेंटागन के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया, जब पिछले महीने स्टार्स एंड स्ट्राइप्स के एडिटर-इन-चीफ एरिक स्लाविन, पब्लिशर मैक्स लेडरर और मिडिल ईस्ट संवाददाता लारा कोर्टे को नौकरी से हटा दिया गया। यह कदम USS अब्राहम लिंकन से संबंधित अखबार की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद उठाया गया था। इस कार्रवाई ने सैन्य प्रतिष्ठान और स्वतंत्र पत्रकारिता के बीच संबंधों को लेकर भी बहस तेज कर दी।
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हथियारों की कमी के दावों पर ट्रंप का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हथियारों के भंडार में कमी संबंधी दावों को सिरे से खारिज किया है। गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर किए गए कई पोस्ट में उन्होंने उन लोगों और संगठनों पर निशाना साधा, जो ईरान के साथ संघर्ष के बीच अमेरिकी हथियारों और गोला-बारूद की उपलब्धता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ट्रंप ने ऐसे दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए आलोचकों पर अमेरिका की जीत के खिलाफ होने का आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि कुछ लोग अमेरिका को युद्ध में सफल होते देखने के बजाय उसकी हार देखना पसंद करेंगे। एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने यह दावा भी किया कि अमेरिका के पास हथियारों का भंडार लगभग असीमित है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पॉलीग्राफ टेस्ट और मीडिया तक संवेदनशील सूचनाओं के पहुंचने की जांच ने अमेरिकी रक्षा व्यवस्था में सूचना सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।