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पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर बलूच नागरिकों को अगवा करने का आरोप, मानवाधिकार संगठन ने जताई चिंता
संगठन ने यह भी बताया कि 27 वर्षीय अल्ताफ हुसैन बलूच को 2 मई को हब चौकी क्षेत्र से पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) के अधिकारियों ने कथित तौर पर हिरासत में लिया। इस घटना की आलोचना करते हुए पांक ने कहा कि ऐसे कदम नागरिकों के मूल अधिकारों का हनन हैं और परिवारों को लंबे समय तक असमंजस और मानसिक पीड़ा में डाल देते हैं।
एक प्रमुख मानवाधिकार संस्था ने गुरुवार को दावा किया कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा पांच और नागरिकों को जबरन उठाकर गायब कर दिया गया है। यह घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं, जब पूरे प्रांत में जबरन गुमशुदगी और कथित गैर-न्यायिक हत्याओं के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
मानवाधिकार विभाग पांक ने कही ये बात
Baloch National Movement के मानवाधिकार विभाग पांक के मुताबिक, 5 मई को पंजगुर जिले के पारूम इलाके से दो शिक्षकों 45 वर्षीय अब्दुल हमीद और 36 वर्षीय नासिर अली को पाकिस्तान फ्रंटियर कोर के जवानों ने हिरासत में ले लिया। संगठन ने कहा कि शिक्षकों जैसे पेशेवर लोगों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है और यह क्षेत्र में बढ़ते मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश करता है। पांक के अनुसार, इस तरह की घटनाएं आम लोगों में डर का माहौल पैदा कर रही हैं और समाज की स्थिरता को प्रभावित कर रही हैं।
नागरिकों के मूल अधिकारों का हनन-पांक
संगठन ने यह भी बताया कि 27 वर्षीय अल्ताफ हुसैन बलूच को 2 मई को हब चौकी क्षेत्र से पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) के अधिकारियों ने कथित तौर पर हिरासत में लिया। इस घटना की आलोचना करते हुए पांक ने कहा कि ऐसे कदम नागरिकों के मूल अधिकारों का हनन हैं और परिवारों को लंबे समय तक असमंजस और मानसिक पीड़ा में डाल देते हैं। इसी दिन एक अन्य मामले में 40 वर्षीय जान खान और उनके 20 वर्षीय बेटे अब्दुल सत्तार को केटा स्थित उनके घर से सीटीडी कर्मियों द्वारा उठा लिए जाने का आरोप लगाया गया। पांक ने पाकिस्तानी प्रशासन से मांग की है कि सभी लापता लोगों को तुरंत रिहा किया जाए या कानून के तहत अदालत में पेश किया जाए। संगठन ने जबरन गुमशुदगी की घटनाओं पर रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
बलूचिस्तान में विरोध प्रदर्शन जारी
इस बीच, बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं। प्रांतीय राजधानी केटा में Baloch Yakjehti Committee के समर्थन में छात्र बोलन मेडिकल कॉलेज के बाहर लगातार धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग खदीजा बलूच की रिहाई है, जिन्हें कथित तौर पर 21 अप्रैल को सुरक्षा बलों ने कॉलेज के महिला छात्रावास से हिरासत में लिया था। बीवाईसी का कहना है कि कई दिनों से जारी प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे छात्रों और परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। संगठन ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में आम नागरिकों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाइयां लगातार तेज हो रही हैं, जिनमें जबरन गायब किए जाने और गैर-न्यायिक हत्याओं के मामले प्रमुख हैं।
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