पाकिस्तान इन दिनों गंभीर ईंधन संकट से गुजर रहा है। तेल की बचत के लिए सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर सरकारी कामकाज और सामाजिक समारोहों तक दिखाई देने लगा है। राजधानी इस्लामाबाद में बाजारों, दुकानों, शॉपिंग मॉल और किराना स्टोर्स के संचालन को लेकर भी नए समय निर्धारित किए गए हैं।
रात 9 बजे बंद होंगे बाजार
सरकार के फैसले के मुताबिक, इस्लामाबाद में सभी बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान रात 9 बजे तक बंद करने होंगे। वहीं शादी समारोहों पर भी समय की पाबंदी लागू की गई है। शादी हॉल और टेंट रात 10 बजे तक बंद करने होंगे। इसके अलावा शादी समारोहों में मेहमानों को केवल एक ही डिश परोसने की अनुमति होगी। इस फैसले को लेकर पाकिस्तान में काफी चर्चा हो रही है।
सरकारी वाहनों के ईंधन पर भी कटौती
ईंधन बचाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर भी नियंत्रण बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकारी गाड़ियों के लिए पहले की तुलना में सिर्फ 50 प्रतिशत ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही नई सरकारी गाड़ियों की खरीद पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। सरकार की कोशिश है कि सीमित मात्रा में उपलब्ध पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल जरूरी सेवाओं और प्राथमिकता वाले सरकारी कामों के लिए किया जाए। ये उपाय इस्लामाबाद के साथ-साथ अन्य इलाकों में भी लागू किए जा रहे हैं।
सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर रोक
ईंधन संकट के बीच खर्च कम करने के लिए केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर भी अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। यह प्रतिबंध तीन महीने तक लागू रहने की बात कही गई है। अगर किसी मंत्री के लिए विदेश यात्रा करना जरूरी होता है, तो उसे इकोनॉमी क्लास में सफर करना होगा। सरकार का उद्देश्य विदेशी यात्राओं और दूसरे गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करके संसाधनों की बचत करना है।
स्कूल भी किए गए बंद
पाकिस्तान में ईंधन की कमी का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। इस्लामाबाद में स्कूलों को दो सप्ताह के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा सरकार ने लोगों से ईंधन की खपत कम करने और संकट से निपटने में सहयोग करने की अपील की है।
बाजारों की समय सीमा से सरकारी खर्चों में कटौती तक
इन फैसलों से पाकिस्तान के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाजारों के जल्दी बंद होने, शादी समारोहों के समय में कटौती और सरकारी खर्चों पर नियंत्रण जैसे कदमों के जरिए सरकार ईंधन की खपत कम करने की कोशिश कर रही है।
ये भी पढ़ें- 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज रफ्तार से चलेंगी हवाएं; किसानों और मछुआरों को सावधानी की सलाह
पाकिस्तान में बढ़ा ईंधन संकट का दबाव
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुए ऊर्जा संकट और तेल की उपलब्धता को लेकर बनी परिस्थितियों ने पाकिस्तान पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है। पहले से महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे पाकिस्तान के लिए ईंधन की कमी ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ऐसे में सरकार अब पेट्रोलियम उत्पादों की खपत नियंत्रित करने के लिए कई सख्त उपाय लागू कर रही है।