Dubai flight attack: 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 के कॉकपिट में ओमानी सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था। इस मामले में हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हो चुकी है। उसका नाम हमाम-अल-हमामी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमलावर सह-पायलट पर कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित बताया है।
अल कायदा और कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित
फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हुए हवाई हमले की जांच में ओमान के सह-पायलट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जिसमें जानकारी मिली है कि वह कट्टरपंथ और चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित था। उसने विमान को गिराने के अपने आतंकी इरादे से भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था। इजराइली मीडिया की एक रिपोर्ट की माने तो जांच कर रही टीम ने सह-पायलट को "अल-कायदा की विचारधारा" से जुड़ा था। उसका उठना बैठना आंतकी हस्तियों के साथ रहा जिससे उसकी सोच कट्टरपंथी बनी। अल अरबिया इंग्लिश मीडिया ने ओमानी सह-पायलट की पहचान हमाम-अल-हमामी के तौर पर बताई है।
जांच में हुआ खुलासा
अल अरबिया इंग्लिश ने एक संस्करण में जानकारी देते हुए बताया कि अल-हमामी ने अपना ज्यादातर समय ओमान से बाहर सीरिया में बिताया था। जहां कथित तौर पर यूएई की यात्रा करने से पहले वह चरमपंथी और कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हो चुका था। सीरिया से कथित संबंधों की जांच में महत्वपूर्ण खुलासा हुआ। उसकी चरमपंथी विचारधारा और उसके पिछले विमानन करियर के दौरान उठाई गई चिंताओं के दौरान ही यह मामला भी सामने देखा गया।
9/11 जैसी घटना होने से बची
इजराइल की मीडिया एजेंसी ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया की पूछताछ में अल-हमामी ने जानकारी दी कि उसका इरादा विमान को इजराइल में दुर्घटनाग्रस्त करने का था। वह इस हादसे को "9/11 जैसी त्रासदी" की तरह दुनिया में उदाहरण की तरह पेश करना चाहता था। दरअसल जब ओमान के नागरिक ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 के कॉकपिट के अंदर कैप्टन मच्छार पर हमला किया था। तब उसके मन में चरमपंथी विचारा चल रही थी। फिलहाल इस पूरे मामले के बाद सह-पायलट को ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन में उसके पद से हटा दिया गया।
पहले का बैकग्राउंड नहीं किया था क्रास चेक
अल-हमामी का जन्म यूएई में एक ओमानी पिता और एक सीरियाई मां के घर हुआ था और उसने अपने जीवन के कई साल यूएई में बिताए थे। अल-हमामी ओमान से यूएई चला गया और फ्लाईदुबई में काम करने लगा। लेकिन इस पूरे मामले में फ्लाईदुबई ने उसके पिछले बैकग्राउंड क्रास चेक नहीं करा था। फॉक्स न्यूज ने उनके पिछले कार्यकाल के बारे में भी जानकारी दी। ओमान एयर ने 2024 में सह-पायलट को तब निलंबित कर दिया था, जब यह पता चला कि वह कट्टरपंथी इस्लामी वेबसाइटों का दौरा कर रहा था।
वह दुबई चले गए और फ्लाईदुबई ने उन्हें काम पर रखने से पहले ओमान एयर से कोई संपर्क नहीं किया था।इस कथित घटना ने सह-पायलट की जांच प्रक्रिया पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उनके आचरण और विचारों को लेकर चिंताएं कथित तौर पर फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले ही सामने आ गई थीं। तेल अवीव जाने वाली उड़ान में इस घटना के बाद सह-पायलट के पिछले बैकग्राउंड के बारे में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
मीडिया एजेंसी द्वारा दी गई रिपोर्ट की माने तो विमान को अल-हमामी का इरादा इजराइल में विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का था। उसके पास से हमले से जुड़ी कई सामग्री भी बरामद हुई है। उनके सामान में "फ्री फिलिस्तीन" समूहों के पर्चे और प्रकाशनों के साथ-साथ अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामग्री भी बरामद थी। पायलट ने बार-बार फिलिस्तीनियों के प्रति समर्थन और इजरायल के प्रति शत्रुता व्यक्त की थी।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर दिया था। लेकिन कैप्टन स्मित ने अल हमामी का बहादुरी से मुकाबला करते हुए उसका विरोध किया और एटीसी को तुरंत हाईजैक का सिग्नल भेजा। हमाम अल-हमामी ने हमले के दौरान विमान को क्रैश कराने का प्रयास भी किया।
लेकिन स्मित मच्छार ने अपने साहस का परिचय देते हुए उसका मुकाबला करा और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही अन्य क्रूमेंबर्स और विमान यात्रियों ने आकर हमलावर को-पायलट अल-हमामी को पकड़ लिया। उस दौरान विमान 16 हजार फीट नीचे आ गया था। विमान का कंट्रोल 2 अन्य पायलटों ने संभाला। बता दें कि इस विमान में तकरीबन 174 यात्री सवार थे।
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