उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा और बसपा के बीच सियासी तकरार फिर तेज होती दिख रही है। अखिलेश यादव की ‘PDA रथ यात्रा’ शुरू होने से पहले मायावती ने इसके रंग और सपा की राजनीति को लेकर कई सवाल उठाए हैं। मायावती ने कहा कि रथ में समाजवादी पार्टी के पारंपरिक लाल रंग की तुलना में भगवा ज्यादा नजर आ रहा है और इसी बहाने उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति पर भी निशाना साधा।
PDA रथ पर मायावती का बड़ा हमला
समाजवादी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत प्रदेश में ‘समाजवादी PDA यात्रा’ निकालने जा रही है। इसके लिए तैयार की गई बस को लेकर पिछले कुछ दिनों से यूपी की सियासत में बयानबाजी चल रही है। अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसी रथ को निशाने पर लिया है। मायावती ने रथ के रंग को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि सपा के पारंपरिक लाल रंग के मुकाबले इसमें भगवा रंग ज्यादा दिखाई दे रहा है। उन्होंने इस बदलाव को सपा की राजनीतिक दिशा से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।
‘लाल छोड़कर भगवा ओढ़ लिया’
मायावती ने अपनी टिप्पणी में सपा के लाल रंग और भगवा रंग के बीच तुलना की है। उनका कहना है कि अखिलेश यादव की राजनीति में पहले जिस लाल रंग को प्रमुखता दी जाती थी, अब उसकी जगह भगवा ज्यादा दिखाई दे रहा है। बसपा प्रमुख ने सपा पर चुनावी राजनीति के हिसाब से अपना राजनीतिक रंग बदलने का आरोप भी लगाया। उन्होंने अखिलेश यादव की रणनीति पर सवाल उठाते हुए ‘गिरगिट’ वाली टिप्पणी की। यह पहली बार नहीं है जब मायावती ने सपा की राजनीतिक रणनीति में बदलाव को लेकर ऐसा आरोप लगाया हो।
24 सितंबर से शुरू होगा PDA रथ
अखिलेश यादव का PDA रथ 24 सितंबर को पहली बार सड़क पर उतरेगा। रिपोर्ट के मुताबिक इसकी शुरुआत रायबरेली से होगी। अखिलेश लखनऊ से रवाना होकर रायबरेली सीमा के पास चुरुआ से PDA रथ पर सवार होंगे और इसके बाद रायबरेली शहर पहुंचेंगे। सपा की योजना इस रथ को आगे पूरे प्रदेश में ले जाने की है। रथ पर ‘समाजवादी PDA यात्रा’ और सामाजिक न्याय से जुड़े नारे लिखे गए हैं। इसमें अखिलेश यादव के साथ मुलायम सिंह यादव और डॉ. भीमराव आंबेडकर समेत कई नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं।
भगवा रंग पर पहले भी हो चुका है सियासी वार
PDA रथ के रंग को लेकर मायावती से पहले बीजेपी के सहयोगी और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी अखिलेश यादव पर निशाना साध चुके हैं। 19 सितंबर को राजभर ने रथ के भगवा रंग को लेकर सपा की पुरानी राजनीति पर सवाल उठाए थे। इससे पहले अगस्त में PDA की परिभाषा में ‘P’ को ‘पंडित’ बताए जाने को लेकर भी मायावती ने अखिलेश पर निशाना साधा था और सपा पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपना रंग बदलने का आरोप लगाया था।
2027 से पहले सपा-बसपा आमने-सामने
यूपी में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ सपा और बसपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी बढ़ रही है। सपा अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को चुनावी अभियान का प्रमुख हिस्सा बना रही है। वहीं मायावती लगातार सपा की इस रणनीति पर सवाल उठा रही हैं। अब 24 सितंबर से अखिलेश यादव के PDA रथ के मैदान में उतरने के बाद इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
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