UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। यूपी बीजेपी के नए प्रभारी विनोद तावड़े ने जिम्मेदारी संभालने के बाद संगठन को मजबूत करने के लिए '4C प्लान' पर फोकस किया है। पार्टी की रणनीति में Coordination, Cadre, Caste और Candidature यानी समन्वय, कार्यकर्ता, जातिगत समीकरण और उम्मीदवार चयन को अहम भूमिका दी गई है। तावड़े के शुरुआती दौरे में लगातार दो दिन तक संगठन के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठकें हुईं। इन बैठकों में मिशन 2027 के रोडमैप, संगठन की स्थिति और विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

क्या है बीजेपी का '4C प्लान'?

1. Coordination यानी समन्वय
बीजेपी का पहला फोकस सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर होगा। सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को संगठन के जरिए जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं और सरकार के बीच बेहतर संवाद कायम करने की कोशिश होगी।

2. Cadre यानी कार्यकर्ता
पार्टी बूथ अध्यक्ष से लेकर पन्ना प्रमुख और मंडल अध्यक्ष तक अपने कैडर को सक्रिय और संतुष्ट रखने पर जोर देगी। कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने पर खास ध्यान दिया जाएगा, ताकि चुनाव के दौरान संगठन के भीतर नाराजगी का असर न पड़े।

3. Caste यानी जातिगत समीकरण
हर विधानसभा क्षेत्र का जातिगत गणित बीजेपी की रणनीति का अहम हिस्सा होगा। किस इलाके में किस जाति का कितना प्रभाव है, संबंधित समुदायों में बीजेपी की पकड़ कितनी है और सरकार की योजनाओं का लाभ किन वर्गों तक पहुंचा है, इन सभी पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा जाति आधारित राजनीति करने वाले विपक्षी दलों के प्रभाव का भी विधानसभा स्तर पर अध्ययन किया जाएगा।

4. Candidature यानी उम्मीदवार चयन
उम्मीदवारों के चयन में जातीय समीकरण के साथ-साथ लोकप्रियता, साफ छवि और क्षेत्र में किए गए काम को महत्व दिया जाएगा। मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन का आकलन होगा और यह भी देखा जाएगा कि विपक्ष के संभावित उम्मीदवार के मुकाबले बीजेपी का दावेदार कितना मजबूत है।

2024 में कमजोर प्रदर्शन वाली करीब 100 सीटों पर नजर
बीजेपी की रणनीति में उन करीब 100 विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था। इन सीटों पर संगठन की स्थिति, जातिगत समीकरण, स्थानीय मुद्दों और संभावित उम्मीदवारों की ताकत का नए सिरे से आकलन किया जाएगा।

PDA की काट विकास के मुद्दे से?
दो दिनों तक चली बैठकों में पार्टी नेताओं ने समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) नैरेटिव का मुकाबला विकास के मुद्दे से करने का सुझाव दिया। महिला, युवा, किसान और गरीब वर्ग के लिए सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को चुनावी रणनीति का प्रमुख हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को चुनावी जिम्मेदारियां देने तथा विकास के मुद्दे पर चुनावी नैरेटिव तैयार करने की बात भी बैठकों में सामने आई।

योगी सरकार के काम को बनाया जाएगा चुनावी हथियार
प्रदेश मुख्यालय में संगठन की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के दौरान विनोद तावड़े ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास की गति बढ़ी है। उन्होंने संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरने की अपील की। बीजेपी की रणनीति सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रहने वाली है। पार्टी का जोर सरकार बनने के बाद अगले पांच वर्षों तक जनता की सेवा करने के संदेश पर भी रहेगा। अब बड़ा सवाल यही है कि बीजेपी का यह '4C' फॉर्मूला 2027 के चुनाव में कितना असरदार साबित होता है और क्या यह पार्टी को सत्ता में वापसी के लिए मजबूत बढ़त दिला पाएगा।