नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है नेताओं के एक से बढ़कर एक दावे औऱ वादे सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शुक्रवार को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि भाजपा 2022 के मुकाबले 2027 में और बड़ी जीत हासिल करेगी।

मीडिया से बातचीत में संगठन की मजबूती पर जताया भरोसा

पंकज चौधरी ने कहा कि पार्टी बूथ स्तर के संगठन का सत्यापन कर रही है और आगामी चुनाव के लिए जमीनी स्तर तक पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, “हम अपने बूथ स्तर के संगठन का सत्यापन कर रहे हैं। हम जमीनी स्तर तक पूरी तरह तैयार हैं। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 2027 में हम 2022 से भी बड़ी जीत हासिल करेंगे।”

उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब भाजपा ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों की क्षेत्रीय कार्यसमितियों के सदस्यों के नामों की घोषणा की। अवध क्षेत्र की नई क्षेत्रीय कार्यसमिति में 34 सदस्यों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज, पश्चिम, काशी और गोरखपुर क्षेत्रों की कार्यसमितियों की भी घोषणा की गई।

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की सिफारिश के बाद क्षेत्रीय अध्यक्षों की ओर से नियुक्त पदाधिकारियों की सूची भी जारी की गई।

2022 में भाजपा को मिली थीं 255 सीटें

2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 403 में से 255 सीटों पर जीत हासिल की थी और लगातार दूसरी बार एनडीए सरकार का गठन किया था। हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा की सीटों में बड़ी गिरावट आई थी। 2017 में पार्टी ने अकेले 312 सीटें जीती थीं।

अखिलेश यादव पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पंकज चौधरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विपक्षी नेताओं की भाषा की आलोचना की।

उन्होंने कहा, “यह सिर्फ अखिलेश की बात नहीं है। उनकी पार्टी के कई नेता इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बेहद निंदनीय है। योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ एक संत भी हैं। जिस तरह से उन एआई वीडियो में उन्हें पेश किया गया है, उसे संत समाज कभी माफ नहीं करेगा।”

दरअसल, अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक एआई-जनरेटेड वीडियो दिखाया था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर धूम्रपान और नृत्य करते हुए दिखाया गया था।

अखिलेश यादव ने आरएलडी प्रमुख को बताया था “चवन्नी” छाप

अखिलेश यादव इससे पहले आरएलडी प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर अपनी “चवन्नी” वाली टिप्पणी को लेकर भी विवादों में रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणियां राजनीतिक विरोधियों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के प्रति अनादर की मानसिकता को दर्शाती हैं।

योगी ने अखिलेश यादव द्वारा राजनीतिक नेताओं के लिए “कुत्ता” और “बिल्ली” जैसे शब्दों के इस्तेमाल की भी आलोचना की थी और कहा था कि लोकतांत्रिक विमर्श में इस तरह की भाषा की कोई जगह नहीं है।

सीजेपी नेताओं के अखिलेश से मुलाकात पर भी प्रतिक्रिया

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका की अखिलेश यादव से मुलाकात के संबंध में पंकज चौधरी ने कहा कि इस पर उनके पास कोई टिप्पणी नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि सीजेपी के सदस्यों का किसी राजनीतिक नेता के साथ जुड़ना उनका व्यक्तिगत फैसला है।

उन्होंने कहा, “वे राजनेता हैं और सीजेपी के सदस्य अपनी पसंद के नेता के साथ जुड़ रहे हैं। संभव है कि उनकी मुलाकात हुई हो, लेकिन इस पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है। सीजेपी दो हिस्सों में बंटती है या तीन हिस्सों में, यह कहना मेरे लिए उचित नहीं है।”

GDP वृद्धि को लेकर विपक्ष पर निशाना

पंकज चौधरी ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो सरकार के विकास प्रयासों को दर्शाती है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहा है। चौधरी ने कहा, “ऐसा लगता है कि विपक्ष ने हर मंच पर भारत को बदनाम करने की आदत बना ली है। सुबह उठते ही वे हमारी अर्थव्यवस्था को कमजोर या विफल बताने की कोशिश करते हैं। जीडीपी वृद्धि दर उनके सामने आईना रख रही है और दिखा रही है कि प्रधानमंत्री देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने, विकास को गति देने और जीडीपी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।”