UP Politics:  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुलंदशहर में पार्टी की रैली को अनुमति नहीं मिलने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को रोकने की कोशिश कर रही है। अखिलेश ने सवाल किया, “सरकार लोकतांत्रिक राजनीतिक कार्यक्रमों से इतनी डरी हुई क्यों है?”

गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि सपा के स्थानीय नेताओं ने रैली की अनुमति के लिए जिलाधिकारी और प्रशासन के दूसरे अधिकारियों से कई बार संपर्क किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में प्रशासन की ओर से मैदान की अनुमति देने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में सावन का हवाला देकर कार्यक्रम की तारीख बदलने को कहा गया। अखिलेश ने कहा कि पार्टी ने प्रशासन के कहने पर कार्यक्रम की तारीख बदलकर दोबारा अनुमति मांगी, लेकिन इसके बावजूद मैदान देने से इनकार कर दिया गया।

हेलिकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने अपने हेलिकॉप्टर की रिजर्व पुलिस लाइंस के मैदान में लैंडिंग की अनुमति नहीं दिए जाने का भी मुद्दा उठाया। प्रशासन की ओर से वहां जलभराव होने का हवाला दिए जाने पर अखिलेश ने सवाल खड़े किए।


उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कथित जलभराव की तस्वीरें और वीडियो मंगवाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीडियो दिखाते हुए अखिलेश ने प्रशासन के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि अगर इसे जलभराव कहा जा रहा है तो ऐसा लगता है जैसे वहां जाने के लिए नाव की जरूरत पड़ेगी।

पत्रकारों और विपक्षी कार्यकर्ताओं को लेकर भी लगाए आरोप
सपा प्रमुख ने पत्रकारों और विपक्षी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले पत्रकारों के खिलाफ FIR और दूसरी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया को सरकारी स्कूलों में जाने से रोका जा रहा है।

शिक्षक दिवस का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि सपा कार्यकर्ता शिक्षकों को सम्मानित करने और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने पहुंचे थे, लेकिन वहां पुलिस की तैनाती कर दी गई और मीडिया को स्कूल परिसर के अंदर से कवरेज करने से रोका गया। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार जाने वाली है और यह हम सभी का संकल्प है।


लखीमपुर खीरी को लेकर भी बोले अखिलेश
अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर लखीमपुर खीरी में भी पार्टी की तैयारियों पर बात की। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ता जिले की सभी विधानसभा सीटों पर जीत के लिए काम करेंगे। बीजेपी सरकार पर बाढ़ नियंत्रण, नदी के तटबंध और घाटों के निर्माण को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर बाढ़ नियंत्रण और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने पंचपेड़ी घाट पुल और नदी के घाटों के निर्माण की बात भी कही।

इसके अलावा उन्होंने दुधवा नेशनल पार्क और पीलीभीत के जंगलों के आसपास बेहतर कनेक्टिविटी के लिए ऑल-वेदर एक्सप्रेसवे विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सके।

GDP के आंकड़ों पर भी सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने आर्थिक असमानता के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने झांसी की एक हालिया घटना का जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर सरकारी अस्पताल में पत्नी की मौत के बाद एक व्यक्ति को उसका शव खुद लेकर जाना पड़ा था। GDP के ऊंचे आंकड़ों का आम गरीब नागरिक को क्या फायदा है, इस पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि उस गरीब नागरिक के लिए GDP का क्या मतलब है, जो अपनी मृत पत्नी का सम्मानजनक अंतिम संस्कार तक नहीं करा सकता?