नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है। कंटेंट, बैंकिंग, मार्केटिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा से लेकर ग्राहक सेवा तक कई क्षेत्रों में AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या AI इंसानों की नौकरियां खत्म कर देगा या काम करने का तरीका बदलकर नई नौकरियां पैदा करेगा? वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की Future of Jobs Report 2025 इस बदलाव की एक तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक दुनियाभर में करीब 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं, जबकि करीब 9.2 करोड़ मौजूदा नौकरियां विस्थापित हो सकती हैं। यानी बदलाव सिर्फ नौकरी जाने का नहीं, बल्कि नौकरी के स्वरूप बदलने का भी है।
AI से सबसे ज्यादा बदलाव किन Jobs में होगा?
AI का असर उन कामों पर ज्यादा दिखाई दे सकता है जिनमें बार-बार होने वाले, नियम आधारित या बड़ी मात्रा में डेटा से जुड़े काम शामिल हैं। उदाहरण के लिए डेटा एंट्री, कुछ तरह के प्रशासनिक काम, बेसिक रिपोर्ट तैयार करना, सामान्य ग्राहक सहायता और दोहराए जाने वाले डिजिटल टास्क में ऑटोमेशन बढ़ सकता है।
WEF की रिपोर्ट में कैशियर और टिकट क्लर्क, प्रशासनिक सहायक, एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी, प्रिंटिंग वर्कर्स जैसे कुछ पदों को 2030 तक घटने वाली भूमिकाओं में शामिल किया गया है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इन क्षेत्रों में हर नौकरी खत्म हो जाएगी। इसका मतलब है कि कंपनियों द्वारा इन भूमिकाओं में कर्मचारियों की जरूरत और काम का स्वरूप बदल सकता है।
यानी AI का असर समझने के लिए सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि कौन-सी नौकरी खत्म होगी। यह देखना भी जरूरी है कि उस नौकरी में कौन-से काम AI कर सकता है और कौन-से काम इंसान को करने होंगे।
AI से कौन-सी नई नौकरियां बढ़ सकती हैं?
AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कुछ टेक्नोलॉजी आधारित भूमिकाओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है। WEF की रिपोर्ट में Big Data Specialists, FinTech Engineers, AI और Machine Learning Specialists और Software and Application Developers को तेजी से बढ़ने वाली भूमिकाओं में शामिल किया गया है। साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी भूमिकाएं भी महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
इसके अलावा AI के इस्तेमाल के लिए कंपनियों को ऐसे लोगों की भी जरूरत होगी जो तकनीक और बिजनेस के बीच तालमेल बैठा सकें। यानी AI की दुनिया में सिर्फ कोड लिखने वालों की जरूरत नहीं होगी, बल्कि प्रोडक्ट, मार्केटिंग, कंटेंट, डिजाइन, रिसर्च और ऑपरेशंस से जुड़े लोगों के लिए भी AI के साथ काम करने की क्षमता महत्वपूर्ण हो सकती है।
क्या Non-Tech लोगों के लिए भी मौके हैं?
AI में करियर का मतलब सिर्फ Python, Machine Learning या Coding सीखना नहीं है। AI कंपनियों में मार्केटिंग, HR, कस्टमर सपोर्ट, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन और डिजाइन जैसी भूमिकाएं भी मौजूद हैं।
मसलन, कोई कंटेंट राइटर AI की मदद से रिसर्च, आइडिया और ड्राफ्टिंग को तेज कर सकता है, लेकिन फैक्ट चेकिंग, भाषा की समझ, स्टोरी एंगल और ऑडियंस के हिसाब से कंटेंट तैयार करने जैसी क्षमताएं अभी भी महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह मार्केटिंग प्रोफेशनल AI से कैंपेन का डेटा या शुरुआती कॉपी तैयार करा सकता है, लेकिन अंतिम रणनीति और ब्रांड की समझ इंसानी कौशल पर निर्भर रह सकती है। इसलिए आने वाले समय में सवाल सिर्फ यह नहीं होगा कि ‘AI आता है या नहीं?’, बल्कि यह भी होगा कि ‘आप अपने मौजूदा काम में AI का इस्तेमाल कितनी अच्छी तरह कर सकते हैं?’
2026 में किन Skills की मांग बढ़ रही है?
WEF के मुताबिक 2030 तक AI और Big Data सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्किल्स में शामिल हैं। इसके बाद Networks and Cybersecurity और Technological Literacy जैसी तकनीकी क्षमताओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन कहानी सिर्फ टेक्निकल स्किल्स की नहीं है। रिपोर्ट में Creative Thinking, Resilience, Flexibility and Agility, Curiosity और Lifelong Learning जैसी मानवीय क्षमताओं को भी बढ़ती अहमियत वाली स्किल्स में रखा गया है।
यानी भविष्य की नौकरी के लिए एक व्यक्ति के पास दो तरह की क्षमताओं का कॉम्बिनेशन होना जरूरी हो सकता है—एक तरफ टेक्नोलॉजी की समझ और दूसरी तरफ इंसानी सोच।
किन Skills पर फोकस करें?
Skill क्यों जरूरी हो सकती है
- AI Tools रोजमर्रा के काम को तेज और ऑटोमेट करने के लिए
- AI Tools रोजमर्रा के काम को तेज और ऑटोमेट करने के लिए
- AI & Big Data डेटा आधारित काम और AI सिस्टम को समझने के लिए
- Cybersecurity डिजिटल सिस्टम और डेटा की सुरक्षा के लिए
- Technological Literacy नई टेक्नोलॉजी को काम में अपनाने के लिए
- Creative Thinking AI के दौर में नए आइडिया और समाधान के लिए
- Analytical Thinking जानकारी का विश्लेषण और बेहतर निर्णय लेने के लिए
- Communication टीम, ग्राहक और AI-generated output के बीच बेहतर तालमेल के लिए
- Lifelong Learning बदलती जरूरतों के साथ लगातार नई स्किल सीखने के लिए
सिर्फ AI Tool चलाना सीखना काफी होगा?
नहीं। किसी भी AI टूल को खोलकर उससे कंटेंट बनवा लेना और AI को प्रोफेशनल तरीके से इस्तेमाल करना दो अलग चीजें हैं। उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति AI से खबर का ड्राफ्ट बनवा सकता है, लेकिन उसमें मौजूद तथ्यों की जांच करना, गलत जानकारी पकड़ना, सही स्रोत तलाशना और खबर का एंगल तय करना अलग स्किल है। इसी तरह किसी डिजाइन टूल में AI फीचर का इस्तेमाल करना आसान हो सकता है, लेकिन ब्रांड की जरूरत के हिसाब से सही डिजाइन चुनना क्रिएटिव सोच मांगता है। इसलिए AI को नौकरी के विकल्प के बजाय काम करने के एक टूल के तौर पर समझना ज्यादा जरूरी है।
क्या हर कर्मचारी को Coding सीखनी होगी?
ऐसा जरूरी नहीं है। Coding उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जो AI, Software Development, Data Science या तकनीकी क्षेत्रों में जाना चाहते हैं। लेकिन हर प्रोफेशन के लिए एक ही स्किल जरूरी नहीं होगी। कंटेंट में काम करने वाले व्यक्ति के लिए AI-assisted research, fact-checking, editing और prompt writing ज्यादा उपयोगी हो सकते हैं। मार्केटिंग प्रोफेशनल के लिए AI-based analytics और content generation काम आ सकता है। वहीं HR में AI-assisted recruitment और data analysis उपयोगी हो सकता है। यानी स्किल का चुनाव आपकी मौजूदा नौकरी और जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उसके हिसाब से होना चाहिए।
AI से नौकरी जाएगी या काम बदलेगा?
WEF के आंकड़े बताते हैं कि आने वाले वर्षों में नौकरी बाजार में एक साथ दो प्रक्रियाएं चल सकती हैं—कुछ मौजूदा भूमिकाओं में कमी और कुछ नई भूमिकाओं में बढ़ोतरी। रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक 17 करोड़ नई भूमिकाएं बनने और 9.2 करोड़ भूमिकाओं के विस्थापित होने का अनुमान है।
इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में Reskilling और Upskilling बेहद महत्वपूर्ण होंगे। WEF के अनुसार 2030 तक अगर दुनिया के 100 कर्मचारियों का समूह माना जाए तो करीब 59 लोगों को किसी न किसी रूप में प्रशिक्षण या नई स्किल की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए AI के दौर में सबसे बड़ा बदलाव शायद यह नहीं होगा कि हर इंसान की जगह मशीन ले लेगी। बड़ा बदलाव यह हो सकता है कि एक ही नौकरी में काम करने के लिए जरूरी स्किल्स बदल जाएंगी।
AI नौकरी बाजार को तेजी से बदल रहा है। कुछ दोहराए जाने वाले काम ऑटोमेट हो सकते हैं, जबकि AI, डेटा, साइबर सिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर से जुड़ी नई भूमिकाओं की मांग बढ़ सकती है। साथ ही क्रिएटिव सोच, कम्युनिकेशन, विश्लेषण, सीखने की क्षमता और समस्या सुलझाने जैसे मानवीय कौशल भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
इसलिए नौकरी तलाशने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात सिर्फ AI से डरना नहीं, बल्कि अपने मौजूदा कौशल के साथ AI को जोड़ना है। आने वाले समय में वही प्रोफेशनल ज्यादा आसानी से बदलती जरूरतों के साथ तालमेल बैठा पाएगा जो अपनी फील्ड की विशेषज्ञता के साथ नई तकनीक सीखता रहेगा।
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