नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस कर दिया है। ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अमेरिकी सरकार के कामकाज में अब ‘Artificial Intelligence’ और ‘AI’ की जगह ‘Super Intelligence’ और ‘SI’ शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही अब सरकारी बातचीत में भी सुपर इंटेलिजेंस (SI) का नाम इस्तेमाल किया जाएगा।

'AI' की जगह 'SI' शब्दावली का इस्तेमाल 

ट्रंप ने कहा कि नया नाम इस टेक्नोलॉजी के तेजी से हो रहे विकास को बेहतर ढंग से दिखाता है। हालांकि, यह आदेश पुराने मामलों पर लागू नहीं होगा और मौजूदा नियमों, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स, ग्रांट्स और पुराने रिकॉर्ड में बदलाव नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इंटरनेट से भी बड़ी चीज बताया। इनॉग्रेटिंग द एरा ऑफ सुपर इंटेलिजेंस नाम के इस ऑर्डर के तहत फेडरल विभागों और एजेंसियों को आधिकारिक बातचीत, सार्वजनिक संचार, वेबसाइटों, रिपोर्टों और प्रशासनिक नीतिगत दस्तावेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बजाय सुपर इंटेलिजेंस और SI शब्दावली का इस्तेमाल करना होगा।

आखिर क्यों बदला AI का नाम

इस बारे में जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि अमेरिका इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजिकल क्रांति में सबसे आगे है। वही ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मौजूदा तकनीक की क्षमताएं उस पुराने विचार से कहीं आगे निकल चुकी हैं, जिसे करीब 70 साल पहले ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ कहा गया था। साथ ही यह भी कहा गया है कि आज के AI सिस्टम की क्षमताएं इसकी मूल अवधारणा से काफी पहले निकल गई हैं।

फिलहाल कानून में AI की मौजूदा परिभाषा ही लागू

यह बदलाव कानून की अनुमति की अधिकतम सीमा तक लागू किया जाएगा। संबंधित आधिकारिक जगहों पर सरकार ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ और ‘AI’ के इस्तेमाल को मान्यता नहीं देगी। हालांकि, यह बदलाव पहले से मौजूद रिकॉर्ड पर लागू नहीं होगा। पुराने नियम, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट, ग्रांट और ऐतिहासिक अभिलेख इस आदेश के कारण नहीं बदले जाएंगे।

ऑर्डर में कहा गया है कि "आज के फ्रंटियर सिस्टम की क्षमताएं इंसानी बुद्धिमत्ता के अलग-अलग पहलुओं की नकल करने या उन्हें ऑटोमेट करने से कहीं ज्यादा काम करती हैं। वे तेजी से इंसानी समझदारी को बढ़ाती हैं और रचनात्मकता के नए रूप सामने लाती हैं, जिससे अमेरिकी लोग विज्ञान, चिकित्सा और इंसानी कोशिशों के लगभग हर दूसरे क्षेत्र में वह हासिल कर पाते हैं, जो पहले असंभव था।"

ट्रंप बोले- इंटरनेट से भी बड़ा है यह बदलाव

यह एग्जीक्यूटिव ऑर्डर ट्रंप की व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गजों के साथ हुई हाई-लेवल लंच मीटिंग के बाद आया। इस बैठक में SpaceX और Tesla के प्रमुख एलन मस्क, Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग, Google के CEO सुंदर पिचाई और NVIDIA के CEO जेनसन हुआंग समेत कई प्रमुख टेक अधिकारी शामिल हुए। ट्रंप ने इस तकनीकी बदलाव को अमेरिका के लिए अभूतपूर्व अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बहुत बड़ा बदलाव है और यह इंटरनेट से भी बड़ा हो सकता है।

टेक दिग्गजों के साथ लंच

इस एग्जीक्यूटिवट ऑर्डर की जानकारी तब दी गई जब ट्रंप वॉइट हाउस में टेक दिग्गजों के साथ एक हाई-लेवल लंच आयोजित किया। इनमें SpaceX के प्रमुख एलन मस्क, Meta के सीईओ मार्क जकरबर्ग, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और NVIDIA के सीईओ जेन्सेन हुआंग शामिल थे। ट्रंप ने कहा, "यह सबसे बड़ी चीज है- शायद अब तक की सबसे बड़ी चीज। यह इंटरनेट से भी कहीं ज्यादा बड़ी है। यह हमारे देश के लिए अविश्वसनीय विकास है और ये सभी चीजें हमारे पास हैं"

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