डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक तरीका है Jumped Deposit Scam, जिसमें साइबर अपराधी पहले किसी के बैंक खाते में छोटी रकम भेजते हैं और फिर उसे गलती से ट्रांसफर हुआ पैसा बताकर वापस मांगते हैं। देखने में यह सामान्य लेनदेन लग सकता है, लेकिन इसके पीछे बड़ी रकम की ठगी की साजिश हो सकती है।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने नेशनल साइबर सिक्योरिटी स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत इस तरह की धोखाधड़ी से सावधान रहने की सलाह दी है। इस स्कैम में ठग UPI पेमेंट का सहारा लेकर लोगों से अनजाने में बड़ी रकम ट्रांसफर करवाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि यह धोखाधड़ी किस तरह होती है और इससे सुरक्षित रहने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।

क्या होता है Jumped Deposit Scam?

Jumped Deposit Scam में साइबर ठग किसी व्यक्ति के बैंक खाते में छोटी-सी रकम जमा करते हैं। कुछ समय बाद वे फोन करके कहते हैं कि यह पैसा गलती से उनके खाते से ट्रांसफर हो गया है, इसलिए इसे वापस कर दिया जाए। शुरुआत में रकम छोटी होने के कारण व्यक्ति को उनकी बात पर भरोसा हो सकता है, लेकिन असली खतरा तब पैदा होता है, जब ठग पैसे लौटाने के लिए UPI के माध्यम से पेमेंट रिक्वेस्ट भेजते हैं। यह रिक्वेस्ट खाते में आई रकम से कहीं ज्यादा हो सकती है। बात दें कि खाताधारक बिना ध्यान दिए उस रिक्वेस्ट को मंजूरी दे देता है, तो उसके बैंक खाते से बड़ी रकम निकल सकती है। इस तरह छोटी रकम का लालच या उसे लौटाने की जल्दबाजी ठगी का जरिया बन जाती है।

कैसे जाल बिछाते हैं साइबर अपराधी?

इस धोखाधड़ी में ठग लोगों के भरोसे और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। आमतौर पर इसकी प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है:

  • पहला कदम: ठग आपके बैंक खाते में थोड़ी रकम ट्रांसफर करते हैं।
  • दूसरा कदम: वे फोन करके दावा करते हैं कि पैसे गलती से आपके खाते में पहुंच गए हैं।
  • तीसरा कदम: रकम वापस पाने के लिए वे तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बनाते हैं।
  • चौथा कदम: पैसे लौटाने के बहाने एक UPI पेमेंट रिक्वेस्ट भेजी जाती है।
  • पांचवां कदम: अगर आप बिना जांच किए रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते हैं, तो आपके खाते से अपेक्षा से ज्यादा पैसे कट सकते हैं।

कई बार ठग इमरजेंसी, भावनात्मक अपील या लगातार फोन करके व्यक्ति को सोचने और जांच करने का मौका नहीं देते। इसलिए अनजान खाते से पैसे आने पर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

खाते में अचानक पैसे आ जाएं तो क्या करना चाहिए?

अगर आपके बैंक खाते में कोई ऐसी रकम जमा होती है, जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं है, तो उसे लौटाने के लिए जल्दबाजी न करें। सुरक्षित रहने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • बैंक से संपर्क करें: अपने बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या नजदीकी शाखा के जरिए जमा हुई रकम की पुष्टि करें।
  • खुद से पैसा ट्रांसफर न करें: रकम भेजने वाले के कहने पर किसी दूसरे खाते या UPI ID पर पैसे न भेजें। वापसी की प्रक्रिया बैंक की मदद से पूरी करें।
  • UPI रिक्वेस्ट को ध्यान से देखें: किसी अनजान व्यक्ति की भेजी हुई पेमेंट रिक्वेस्ट को बिना जांचे स्वीकार न करें।
  • व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: किसी कॉलर को अपना UPI PIN, OTP या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी न बताएं।
  • संदिग्ध कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति तुरंत पैसे लौटाने के लिए दबाव बना रहा है, तो पहले उसकी बात की पुष्टि करें।

ध्यान रखें कि UPI पर पैसे प्राप्त करने और पैसे भेजने की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। पैसा पाने के लिए सामान्य तौर पर UPI PIN दर्ज करने की जरूरत नहीं होती।

Jumped Deposit Scam से बचने के लिए SBI की सलाह

SBI ने लोगों को संदिग्ध लेनदेन के मामले में सावधानी बरतने और किसी भी अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले उसकी जांच करने की सलाह दी है। साइबर ठगी से बचने के लिए इन उपायों को अपनाएं:

संदिग्ध कॉल करने वालों से दूरी बनाएं

अगर कोई अनजान व्यक्ति पैसे वापस करने के नाम पर बार-बार कॉल करता है या आप पर दबाव डालता है, तो उसकी बातों में न आएं। जरूरत पड़ने पर नंबर ब्लॉक करें और घटना की सूचना बैंक को दें।

जल्दबाजी में UPI पेमेंट मंजूर न करें

किसी भी व्यक्ति की इमरजेंसी या भावनात्मक अपील के आधार पर पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। ट्रांजैक्शन की राशि और प्राप्तकर्ता की जानकारी जांचे बिना आगे न बढ़ें। कॉल करने वाले की पहचान सत्यापित करें।

अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक कर्मचारी बताता है, तो केवल उसकी बातों पर भरोसा न करें। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या अन्य सत्यापित माध्यम से संपर्क विवरण जांचें। किसी नंबर के शुरुआती अंक देखकर ही कॉल को सुरक्षित न मानें।

बैंक को तुरंत जानकारी दें

खाते में अनजान रकम आने या संदिग्ध UPI रिक्वेस्ट मिलने पर बैंक से संपर्क करें। अगर पैसे कट गए हैं, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और भारत के साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत कर सकते हैं।

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इन छोटी सावधानियों से बच सकती है बड़ी रकम

Jumped Deposit Scam में ठग छोटी रकम के जरिए भरोसा जीतकर लोगों से बड़ी रकम निकलवाने की कोशिश करते हैं। इसलिए खाते में अनजान पैसा आने पर उसे तुरंत लौटाने के बजाय पहले बैंक से उसकी पुष्टि करना जरूरी है। याद रखें, किसी के कहने पर UPI पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार करना या जल्दबाजी में ट्रांजैक्शन करना आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। सतर्क रहें, अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत बैंक को दें।