नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में SIR के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं की परेशानी को कम करने के लिए चुनाव आयोग ने क्षेत्रीय चुनाव कार्यालय के BLO को घर-घर जाकर सुनवाई करने के निर्देश दिया है। लेकिन,चुनाव आयोग द्वारा दिए गए इस निर्देश का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।

SIR नोटिस लेकर चुनाव कार्यालय केंद्र पहुंचे मतदाता

लेकिन,मतदाताओं का कहना है कि BLO उन्हें फोन करके दस्तावेज लेकर केंद्र पर ही बुला रहे हैं। जिसके बाद SIR के तहत दिए गए नोटिसों को लेकर बड़ी संख्या में मतदाता मंगलवार को भी दस्तावेज लेकर सुनवाई के लिए चुनाव कार्यालय केंद्रों पर पहुंचे। ऐसे में घर पर सुनवाई की घोषणा के बावजूद उन्हें केंद्र तक पहुंचना पड़ रहा है। इस संदर्भ में मतदाताओं का कहना है कि यहां चुनाव कार्यालय केंद्रों पर आने से संबंधित कर्मचारी मिल जाते है और उनकी समस्या सुनी भी जा रही है, वहीं जबकि कई मामलों में बीएलओ से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है।

BLO से संपर्क नहीं होने से परेशान हैं मतदाता

इस संदर्भ में चुनाव कार्यालय केंद्रों पर पहुंचे मतदाताओं ने बताया कि ज्यादातर लोगों को उम्र संबंधी अंतर को लेकर नोटिस जारी किया गया है और अब उन्हें दस्तावेज लेकर सुनवाई के लिए इन केंद्रों पर आना पड़ रहा है। वहीं कुछ मतदाताओं का कहना है कि मैंने आनलाइन नोटिस का जवाब दिया था, लेकिन BLO से संपर्क नहीं हो सका, जिसके बाद उन्हें इन केंद्रों पर पहुंचना पड़ रहा है।

97 लाख मतदाताओं में से 33 लाख को नोटिस जारी

दरअसल, SIR के ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल लगभग 97 लाख मतदाताओं में से लगभग 33 लाख को नोटिस जारी किए गए हैं। चुनाव आयोग कार्यालय के मुताबिक जिसमें करीब 3 लाख मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। हालांकि, SIR के तहत चुनाव आयोग द्वारा दिए गए नोटिस के निपटारे के लिए बीएलओ को घर-घर जाकर सुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन, इसके बावजूद बीएलओ लोगों के घर जाकर इससे जुड़ी समस्याओं पर सुनवाई करने को तैयार नहीं हैं। जिसकी वजह से मतदाता चुनाव कार्यालय केंद्रों पर पहुंचने के लिए मजबूर हैं। इसे देखकर अब सवाल यह उठता कि चुनाव आयोग के घर-घर सुनवाई की व्यवस्था वाले निर्देश क्या वास्तव में प्रभावी तरीके से लागू हो रही है।

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