अमेरिका एवं ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए कतर की मध्यस्थता एक बार फिर नाकाम हो गई है। इस उच्चस्तरीय मध्यस्थता बैठक में अमेरिका -ईरान दोनों के बीच कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और अपनी शर्तों को लेकर कोई भी झुकने को तैयार नहीं है।
अमेरिका-ईरान मध्यस्थता बैठक नाकाम
अमेरिका एवं ईरान के बीच इस उच्चस्तरीय मध्यस्थता बैठक के नाकाम होने से एक बार फिर जंग भड़कने का खतरा मंडरा दिखाई दे रहा है। इस संदर्भ में अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिड-टर्म चुनावों के बाद बड़े पैमाने पर सैन्य अभियानों को फिर से शुरू करने का आदेश दे सकते हैं।
समझौता वार्ता को लेकर कतर की कोशिशें जारी
हालांकि, अमेरिका एवं ईरान के बीच समझौता वार्ता असफल होने के बाद भी कतर ने अपनी कोशिशें पूरी तरह बंद नहीं की हैं और अगली मध्यस्थता की तैयारी में जुट गया है। इस बैठक के दौरान कतर के प्रमुख मध्यस्थ अली अल-थवादी ने न्यूयॉर्क में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची एवं उनकी पूरी टीम के साथ कई घंटों तक बातचीत की।
अमेरिका-ईरान के अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
इस बैठक का मकसद ईरान की उस मांग का समाधान निकालना था जिसमें वो अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को पूरी तरह हटाने की बात कह रहे हैं। इसके साथ ही इसमें अमेरिका की उस मांग को भी शामिल किया गया था जिसमें ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रमों को सीमित करने की बात कही जा रही है।