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उत्तर प्रदेश में आज से UPTET परीक्षा शुरू: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीएम योगी खुद कर रहे हैं निगरानी
यूपी में शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं का इंतजार अब खत्म हो गया है। 2 जुलाई, गूरुवार को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) शुरू हो गई है।
यूपी में शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं का इंतजार अब खत्म हो गया है। 2 जुलाई, गूरुवार को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) शुरू हो गई है। यह परीक्षा 2 जुलाई से 4 जुलाई 2026 तक राज्य के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। इस बार लगभग 20 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा की संवेदनशीलता और पिछले वर्षों में पेपर लीक जैसी घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं ताकि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त बनाया गया है। प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि सभी गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकल या पेपर लीक की आशंका को खत्म करने के लिए विशेष निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया है।
अभ्यर्थियों की परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले तलाशी
अभ्यर्थियों की परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले गहन तलाशी ली जा रही है। जिन अभ्यर्थियों ने चूड़ी, अंगूठी या कड़े पहन रखे हैं, उन्हें गेट पर ही उतारने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा कक्ष में केवल एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र, तीन पासपोर्ट आकार के फोटो, पेन और पेंसिल ले जाने की अनुमति है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, डिजिटल घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, गॉगल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। साथ ही, यदि कोई अभ्यर्थी पानी की बोतल लेकर आता है तो वह पारदर्शी, सफेद और बिना किसी लेबल वाली होनी चाहिए।
परीक्षा कार्यरत शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण
इस बार की परीक्षा केवल नए अभ्यर्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार बिना TET उत्तीर्ण किए कोई भी शिक्षक स्थायी रूप से सेवा में नहीं रह सकता। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2010 से पहले नियुक्त लगभग पौने दो लाख शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है। उन्हें अगले तीन वर्षों के भीतर यह परीक्षा पास करनी होगी।
सीएम योगी का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को निर्देश दिया है कि पहले से कार्यरत शिक्षकों को परीक्षा पास करने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं ताकि किसी योग्य शिक्षक को केवल अवसरों की कमी के कारण नुकसान न उठाना पड़े।
सुरक्षा व्यवस्था की अभ्यर्थियों ने की सराहना
परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इस बार इंतजाम बेहतर दिखाई दे रहे हैं। हालांकि उनकी सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष रहे और किसी भी प्रकार का पेपर लीक न हो, क्योंकि ऐसी घटनाएं लाखों मेहनती युवाओं की उम्मीदों और परिश्रम पर पानी फेर देती हैं।
Written By: Geeta Sharma
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