Kanpur Metro Corridor-2: कानपुर में मेट्रो से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। सीएसए विश्वविद्यालय परिसर में बन रहे मेट्रो डिपो से विजय नगर के पास स्थित रैंप तक डाउनलाइन पर ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो गया है। अब जल्द ही अंडरग्राउंड सेक्शन में ट्रेनों की टेस्टिंग और ट्रायल रन शुरू करने की तैयारी है।

इस कॉरिडोर के लिए 10 में से 9 मेट्रो ट्रेनें भी पहुंच चुकी हैं। ट्रैक निर्माण और सिस्टम इंस्टॉलेशन का काम आगे बढ़ने के साथ कॉरिडोर-2 पर मेट्रो संचालन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इससे विजय नगर और आसपास के इलाकों के लोगों को मेट्रो सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

डिपो से मेनलाइन तक बिछा ट्रैक
कॉरिडोर-2 के तहत सीएसए विश्वविद्यालय परिसर में बन रहे मेट्रो डिपो में ट्रैक निर्माण पूरा कर लिया गया है। डिपो को मुख्य मेट्रो लाइन से जोड़ने वाले रैंप पर भी ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के अधिकारियों के मुताबिक, डिपो में खड़ी ट्रेनों को मेनलाइन पर लाकर उनकी टेस्टिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके बाद अंडरग्राउंड सेक्शन की डाउनलाइन पर ट्रायल रन की तैयारी आगे बढ़ेगी।

डिपो में बनाई गईं 15 ट्रैक लाइनें
मेट्रो डिपो में ट्रेनों के रखरखाव, जांच और संचालन से जुड़ी अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुल 15 ट्रैक लाइनों का निर्माण किया गया है। इनमें 4 स्टेबलिंग लाइनें, 3 शंटिंग लाइनें, 2 वर्कशॉप बे लाइनें, 2 इंस्पेक्शन बे लाइनें, 1 कोच अनलोडिंग लाइन, 1 कोच वॉशिंग लाइन, 1 पिट व्हील लाइन, 1 टेस्ट ट्रैक शामिल हैं । डिपो में करीब 550 मीटर लंबा टेस्ट ट्रैक भी बनाया गया है। यहां ट्रेनों के ब्रेक, गति, सिग्नल रिस्पॉन्स और अन्य जरूरी प्रणालियों की जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेट्रो ट्रेनें मुख्य लाइन जैसी परिस्थितियों में सुरक्षित और सुचारु रूप से काम कर सकें।

कहीं गिट्टी वाला, तो कहीं गिट्टी रहित ट्रैक
कानपुर मेट्रो के डिपो में बैलास्टेड यानी गिट्टी वाले और बैलास्ट-लेस यानी गिट्टी रहित, दोनों तरह के ट्रैक बनाए गए हैं। मुख्य मेट्रो लाइन पर आमतौर पर गिट्टी रहित ट्रैक का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि डिपो में विभिन्न कार्यों के लिए गिट्टी वाले ट्रैक का भी उपयोग होता है। ट्रैक के अलग-अलग प्रकार मेट्रो ट्रेनों के परिचालन, निरीक्षण और रखरखाव की जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।

UPMRC के एमडी ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने डिपो से विजय नगर स्टेशन के पास स्थित रैंप तक डाउनलाइन पर ट्रैक निर्माण पूरा होने को अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर-2 के अंडरग्राउंड और एलिवेटेड, दोनों हिस्सों में विभिन्न विभागों के समन्वय से सिविल निर्माण और सिस्टम इंस्टॉलेशन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अंडरग्राउंड सेक्शन की डाउनलाइन पर जल्द ही टेस्टिंग शुरू करने के लिए संबंधित विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।

कब शुरू होगी मेट्रो सेवा?
फिलहाल कॉरिडोर-2 के इस हिस्से में ट्रैक निर्माण के बाद टेस्टिंग और ट्रायल रन की तैयारियां की जा रही हैं। ट्रायल के दौरान ट्रेनों की गति, ब्रेकिंग, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी प्रणालियों की जांच होगी। इसके बाद अगले चरण की तैयारियां और जरूरी मंजूरियां पूरी होने पर यात्री सेवा शुरू करने का रास्ता साफ होगा। हालांकि, कॉरिडोर-2 पर यात्री सेवाएं शुरू होने की सटीक तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में लोगों को ट्रायल रन और आगे की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना होगा।

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