UP Police Dial 112 Duty: उत्तर प्रदेश पुलिस में लंबे समय से ड्यूटी के घंटों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच डायल-112 में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए शासन ने ड्यूटी का समय घटाकर आठ घंटे कर दिया है। अब ये कर्मचारी 12 घंटे की लगातार ड्यूटी करने के बजाय तीन अलग-अलग शिफ्ट में काम करेंगे।

नई व्यवस्था के तहत 24 घंटे की पुलिस सहायता सेवा को आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में बांटा गया है। माना जा रहा है कि इससे पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक काम करने से होने वाली थकान से राहत मिलेगी और इमरजेंसी कॉल पर रिस्पांस भी बेहतर हो सकता है।

सुबह 6 बजे से शुरू होगी पहली शिफ्ट

नई रोस्टर व्यवस्था के मुताबिक डायल-112 के कर्मचारियों की पहली शिफ्ट सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी। इसके बाद दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी।

तीसरी और रात की शिफ्ट रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगी।

इस तरह डायल-112 की सेवा पहले की तरह 24 घंटे जारी रहेगी, लेकिन एक ही पुलिसकर्मी को 12 घंटे लगातार ड्यूटी करने की जरूरत नहीं होगी।पहले डायल-112 में तैनात पुलिसकर्मी आम तौर पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे या रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक की शिफ्ट में काम करते थे। लंबे समय तक चलने वाली इस ड्यूटी को लेकर पुलिसकर्मियों की ओर से बदलाव की मांग की जा रही थी।

थकान कम होगी तो रिस्पांस टाइम भी सुधर सकता है

डायल-112 का काम सामान्य पुलिस ड्यूटी से थोड़ा अलग है। यहां आने वाली कॉल में सड़क हादसे, विवाद, घरेलू झगड़े, अपराध या किसी अन्य आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता की जरूरत हो सकती है।ऐसे में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी का सतर्क और सक्रिय रहना जरूरी है। 12 घंटे की लगातार ड्यूटी के बाद होने वाली शारीरिक और मानसिक थकान का असर काम पर भी पड़ सकता है।आठ घंटे की शिफ्ट लागू होने के बाद अधिकारियों को उम्मीद है कि पुलिसकर्मी ज्यादा तरोताजा रहेंगे और कॉल मिलने के बाद मौके पर पहुंचने की प्रक्रिया में भी सुधार आएगा।हालांकि रिस्पांस टाइम सिर्फ ड्यूटी के घंटे पर निर्भर नहीं करता। इसमें लोकेशन, ट्रैफिक, वाहन की उपलब्धता और घटना की दूरी जैसे कई दूसरे कारक भी भूमिका निभाते हैं।

सामान्य पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर भी उठी उम्मीद

डायल-112 में आठ घंटे की शिफ्ट लागू होने के बाद अब थानों में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच भी ऐसी व्यवस्था की उम्मीद बढ़ी है।थानों में तैनात सिपाहियों और दारोगाओं की ड्यूटी कई बार आठ घंटे से काफी ज्यादा हो जाती है। कानून-व्यवस्था, वीआईपी ड्यूटी, अपराध की जांच, त्योहारों और आपात परिस्थितियों में उन्हें लंबे समय तक काम करना पड़ सकता है।कई पुलिसकर्मी लंबे समय से ड्यूटी के घंटे कम करने और शिफ्ट व्यवस्था लागू करने की मांग करते रहे हैं। डायल-112 में नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस मांग को लेकर चर्चा फिर तेज हो सकती है।

पुलिसकर्मियों को राहत, जनता को भी फायदा मिलने की उम्मीद

आठ घंटे की शिफ्ट का सीधा फायदा डायल-112 कर्मचारियों को मिलेगा, लेकिन इसका असर जनता की सेवा पर भी पड़ने की उम्मीद है।डायल-112 पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग मदद के लिए संपर्क करते हैं। ऐसे में अगर ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ज्यादा सक्रिय और कम थके हुए होंगे तो कॉल रिस्पांस, मौके पर पहुंचने और शिकायतकर्ता से बेहतर तरीके से संवाद करने में मदद मिल सकती है।फिलहाल नई व्यवस्था के तहत जिलों में रोस्टर तैयार कर ड्यूटी लगाई जा रही है। इसे पुलिसकर्मियों के काम के घंटे और जनता को मिलने वाली आपातकालीन पुलिस सेवा-दोनों के लिहाज से अहम बदलाव माना जा रहा है।