सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर संकेत दिया है कि पार्टी उन्हीं सहयोगियों के साथ चुनावी मैदान में उतर सकती है, जिनके साथ उसने हाल के चुनाव लड़े हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन की औपचारिक घोषणा जल्द करने का लक्ष्य है।
गठबंधन पर अखिलेश यादव का संकेत
मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन का स्वरूप पहले जैसा ही रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है। हालांकि, सीटों के बंटवारे और अंतिम समझौते की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि बीजेपी के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे नेताओं को शामिल करने को लेकर सावधानी बरत रही है। उनके मुताबिक, सपा ऐसे वादे नहीं करना चाहती जिन्हें बाद में पूरा करना मुश्किल हो।
बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए लोगों से उसकी बातों पर भरोसा न करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का विकास मॉडल भ्रष्टाचार पर आधारित है। राम मंदिर से जुड़े चंदे के मुद्दे पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि चंदा चोरी से बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं बनाई जा सकती।
INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग का मुद्दा
इसी बीच, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने नई दिल्ली में हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में हिस्सा लिया। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद कहा कि विपक्षी दल चुनाव आयोग से जुड़े कई मुद्दों पर संयुक्त आंदोलन करेंगे।
वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची इस्तेमाल करने और EVM के स्थान पर बैलेट पेपर की मांग रखी। उन्होंने मतदाता सूची से हटाए गए नामों के लिए प्रभावी अपील व्यवस्था की भी मांग की।
अक्टूबर में देशव्यापी कार्यक्रम
वेणुगोपाल के अनुसार, 2 से 8 अक्टूबर तक विभिन्न जिलों में 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च आयोजित किए जाएंगे। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मुलाकात की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में 5 बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली प्रस्तावित है। इसके अलावा, INDIA ब्लॉक SIR और चुनाव आयोग से संबंधित लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात कह रहा है।
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