Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला इस समय पूरी तरह से उलझा हुआ है। मथुरा पुलिस के मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस इस वारदात को सुसाइड केस मानकर चल रही थी, क्योंकि पुलिस ने शुरुआती जांच में जो सीसीटीवी देखा उसके बाद इसे महज सुसाइड माना जा रहा था,

लेकिन इस पूरे मामले की गुत्थी मृतक के कमरे ने पूरी तरह से उलझा कर रख दी थी। कमरे में मौजूद खून के दाग इस बात का सबूत खुद ही दे रहे थे कि यह एक सुसाइड नहीं बल्कि इसके लिए एक बड़ी साजिश को रचा गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मृतक दीपक लोधी के कमरे से कुछ सबूत बरामद किए। जैसे ही पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पुलिस के हाथ आई वैसे ही इस घटना ने पुलिस का ध्यान सुसाइड के हटाकर मर्डर मिस्ट्री की तरफ खिसका दिया। अब पुलिस ने वारदात की जांच हत्या के एंगल से करनी शुरु की।

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2 साल पहले ही दीपक लोधी एमपी से आए थे वृंदावन

मध्य प्रदेश जिले के जबलपुर में नर्मदा बस्ती फरहदुली का रहने वाला दीपक लोधी 2 साल पहले ही वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे और दीक्षा ग्रहण की। प्रेमानंद महाराज के यहां उन्हें रसिक दुलारी शरण नाम मिला। दीपक अब रसिक दुलारी शरण के नाम से साधु का जीवन जीने लगे। श्री केलिकुंज आश्रम से कुछ ही दूर राधावाटिका नाम की गली में गुरुकृपा कुंज नाम से बने 4 मंजिला अपार्टमेंट में दीपक, प्रेमानंद के शिष्य युगल नेही शरण के साथ रहने लगे।

शुक्रवार की सुबह साढ़े 10 बजे दीपक ने आपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। क्योंकि पुलिस के हाथ वहां मौजूद सीसीटीवी फुटेज लगा था, जिसे पुलिस अहम दस्तावेज के आधार पर इस मामले को सुसाइड से जोड़ रही थी। लेकिन पुलिस ने जैसे ही जांच आगे बढ़ाई और दीपक के कमरे में दस्तक दी वैसे ही वहां मौजूद कुछ सबूतों ने इस केस को मर्डर मिस्ट्री में बदल दिया।

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क्या मानसिक तनाव में थे दीपक?

मामला उस समय पुलिस के सामने ज्यादा उलझ गया जब कमरे में मौजूद सबूत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के होश उड़ा दिए। फॉरेंसिक जांच में दीपक का प्राइवेट पार्ट (गुप्तांग) कटा हुआ मिला। जिससे मामले में साफ हुआ है कि दीपक के छत से कूदने से ठीक पहले उनका प्राइवेट पार्ट काटा गया था। कमरे में पुलिस को एक ग्राइंडर मशीन व मौके पर खून के धब्बे भी मिले।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि ज्यादा ऊंचाई से गिरने पर सिर में फ्रैक्चर, पसलियों व फेफड़ों में चोटें और शरीर से अधिक मात्रा में खून बहने के कारण हुई। ऐसे में अब पुलिस यह भी मान रही है कि दीपक उर्फ रसिक दुलारी किसी मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। इसी तनाव के कारण दीपक ने खुद ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटा और सुसाइड कर ली।

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खास शिष्यों में शामिल थे दीपक

दीपक के परिजन इस घटना को एक बड़ी साजिश मानकर चल रहे हैं। एमपी के जबलपुर से आए मृतक दीपक के परिजन अपने बेटे की सुसाइड वाली बात को मानने से साफ इनकार कर रहे हैं। इस मामले ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जिसमें पहला सवाल यह है कि कोई भी शख्स कितने ही तनाव में क्यों न हो अपना प्राइवेट पार्ट कैसे काट सकता है?

क्योंकि मामला पूरी तरह से एक गुत्थी की तरह उलझ गया है। पुलिस बेहद बारिकी से इस मामले की जांच कर सबूतों को जुटाने में लगी है। क्योंकि दीपक बेहद खास शिष्यों में शामिल था। ऐसे में पुलिस प्रेमानंद महाराज से भी मामले में जल्द ही पूछताछ कर सकती है। जिससे की मामले की गुत्थी को सुलझाया जा सके।

क्या ड्रग्स लेते थे दीपक?

पुलिस के मामले में ड्रग्स और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर पूरी अपनी नजरे रखे हुए है। क्योंकि मामले में ड्रग्स और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसमें यह जानकारी सामने निकल कर आई है कि हादसे के दौरान दीपक किसी नशे या ड्रग्स के प्रभाव में भी थे। पोस्टमार्टम टीम ने उनके ब्लड सैंपल को फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा। पुलिस दीपक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और उनके कमरे में साथ रहने वाले साथी युगल नेही शरण से भी पूछताछ करने में जुटी है।

जिससे जल्द से जल्द इस घटना का खुलासा सही ढंग से किया जाए। मामला इस समय पूरी तरह से तुल पकड़े हुए है। जिसकी आग में अब राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी रोटी सेंकने का काम करती दिखाई दे रही है। संतों ने भी मामले को गंभीरता से लेते बैठक कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं संत समाज ने पुलिस को लापरवाही बरतने पर आंदोलन करने की सख्त चेतावनी भी दे दी है। उनका कहना है कि ब्रज में संतों की छवि धूमिल नहीं होने देंगे। क्योंकि एक संत की इस तरीके से मौत का होना बड़ा सवाल खड़ा करता है।

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इस मामले की जांच क्या जाएगी सीबीआई के पास

इस समय यह मामला काफी बड़ा बन चुका है। पुलिस के सामने संत की मौत का मामला सुसाइड और हत्या की मर्डर मिस्ट्री में बदल चुका है। मामले में जहां संत समाज सीएम योगी से न्यायपूर्वक तरीके से जांच की मांग कर रहा है। तो दूसरी तरफ मृतक के परिजन इस केस की जांच सीबीआई द्वारा कराए जाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब पुलिस की जांच भी सवालों के घेरे में कि आखिर कहां पर पुलिस मामले की गुत्थी को सुलझाने में फेल साबित हो रही है। या फिर सच में दीपक ने सुसाइड किया है।

क्योंकि पुलिस अभी तक मौजूद सबूतों को आधार में रखकर ही इस केस की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। लेकिन कुछ लोगों के पूछताछ की अनुमति न मिलने के कारण अभी भी इस मामले को सुलझाने में नाकाम साबित दिखाई दे रही है। ऐसे में अब आखिरी रास्ता सीबीआई की तरफ ही केंद्रित है। अब देखना यह होगा कि क्या सीबीआई ही इस केस का फंसा पेंच खोलने में कामयाब होगी या फिर मथुरा पुलिस ही इस केस को अपनी सुझबुझ का परिचय देगी।

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