वाराणसी: 'नई पीढ़ी संवाद' कार्यक्रम को पुलिस प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के विरोध में रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान की बैठक रविवार को वाराणसी स्थित समता भवन में आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की अनुमति न देने के फैसले पर आपत्ति जताते हुए इसे पक्षपातपूर्ण बताया गया।

बैठक में प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि शास्त्री घाट, वाराणसी में आयोजित होने वाले 'नई पीढ़ी संवाद' कार्यक्रम को बिना किसी लिखित आदेश के अनुमति नहीं दी गई। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार और प्रशासन के कदम की आलोचना की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि वाराणसी समेत पूर्वांचल के 10 जिलों में 10 सूत्रीय एजेंडे के साथ अभियान चलाया जाएगा। अभियान के जरिए भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह सरकार का संदेश गांव, कस्बों और शहरों तक पहुंचाने की बात कही गई।

शिक्षा, रोजगार और सामाजिक अधिकारों के मुद्दों पर अभियान

बैठक में कहा गया कि पुलिस प्रशासन द्वारा 'नई पीढ़ी संवाद' की अनुमति नहीं दिए जाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जन मुद्दों को लेकर व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विजय शंकर पांडेय और काशी विद्यापीठ के अध्यापक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने की। बैठक का संचालन पूर्वांचल यात्रा संयोजक मंडल के सदस्य डॉ. शम्मी कुमार सिंह ने किया।

अध्यक्ष मंडल और सलाहकार मंडल गठित

बैठक में 10 जिलों के युवाओं का अध्यक्ष मंडल और उसकी सहायता के लिए सलाहकार मंडल का गठन किया गया। बताया गया कि जल्द ही संयुक्त बैठक आयोजित कर आगामी कार्यक्रमों की तारीख तय की जाएगी। कार्यक्रम की घोषणा से पहले संबंधित जिलों के लोगों से राय लेने की बात भी कही गई।

लोकतांत्रिक राजनीति पर जोर

बैठक को संबोधित करते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के संस्थापक सदस्य अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि नफरत और हिंसा की राजनीति के खिलाफ बहुलता और समावेशी लोकतांत्रिक राजनीति समय की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि 'नई पीढ़ी आंदोलन' के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह सरकार का संदेश शहर, कस्बे और गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने परीक्षा में पारदर्शिता, सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पुरानी पेंशन, छात्रसंघ की बहाली और भूमिहीनों के लिए आवासीय जमीन के अधिकार जैसे मुद्दों को उठाने की बात कही।

10 जिलों में चलेगा अभियान

रोजगार अधिकार अभियान के नेशनल कोऑर्डिनेटर राजेश सचान ने बैठक में तीन सूत्रीय संकल्प रखा। इसमें राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक लोकतंत्र को मजबूत करने तथा जनहित के मुद्दों पर अभियान चलाने की बात कही गई।

बैठक में तय किया गया कि वाराणसी समेत पूर्वांचल के 10 जिलों-चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, गाजीपुर, भदोही, मऊ, जौनपुर, आजमगढ़ और बलिया में अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के तहत रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की मजबूती, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़े मुद्दे, प्रदेश से पूंजी पलायन और सामाजिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर जनसंवाद किया जाएगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर संगठन की इकाइयां गठित करने की योजना बनाई गई है।

बैठक में कहा गया कि इन 10 जिलों की 61 विधानसभा सीटों और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र की 5 विधानसभा सीटों में जन मुद्दों को लेकर अभियान चलाया जाएगा।

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