राज्य
योगी सरकार में ढेर हुए हैं दुर्दांत अपराधी, 9 वर्षों में 301 एनकाउंटर, 34,253 अपराधी गिरफ्तार!
सीएम योगी के नेतृत्व में बीते 9 वर्षों के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अपराध और अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया।
सीएम योगी के नेतृत्व में बीते 9 वर्षों के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अपराध और अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत प्रदेश पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए कुल 17,043 पुलिस मुठभेड़ों को अंजाम दिया। इन अभियानों में 301 दुर्दांत अपराधी मारे गए, जबकि 34,253 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 11,834 अपराधी मुठभेड़ों के दौरान घायल हुए। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते समय 18 पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जबकि 1,852 पुलिसकर्मी घायल हुए।
सबसे अधिक मुठभेड़ मेरठ जोन में दर्ज की गईं
प्रदेश में सबसे अधिक मुठभेड़ मेरठ जोन में दर्ज की गईं। यहां पुलिस ने 4,813 मुठभेड़ की कार्रवाइयों में 8,921 अपराधियों को गिरफ्तार किया और 3,513 अपराधियों को घायल किया। इस दौरान 97 कुख्यात अपराधी मारे गए। मेरठ जोन में कार्रवाई के दौरान 477 पुलिसकर्मी घायल हुए तथा दो पुलिसकर्मी शहीद हुए। इसी कारण मुठभेड़ कार्रवाई के मामले में मेरठ जोन पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा।
वाराणसी जोन ने मुठभेड़ों के मामले में दूसरा स्थान हासिल किया
वाराणसी जोन ने मुठभेड़ों के मामले में दूसरा स्थान हासिल किया। यहां 1,292 मुठभेड़ों में 2,426 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 29 अपराधी मारे गए। इन अभियानों में 907 अपराधी और 104 पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं आगरा जोन तीसरे स्थान पर रहा, जहां 2,494 मुठभेड़ों में 5,845 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, 968 अपराधी घायल हुए और 24 अपराधी मारे गए। इस दौरान 62 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
बरेली जोन में 2,222 मुठभेड़ों के दौरान 21 अपराधी ढेर
अन्य क्षेत्रों की बात करें तो बरेली जोन में 2,222 मुठभेड़ों के दौरान 21 अपराधी मारे गए, जबकि लखनऊ जोन में 971 मुठभेड़ों में 20 अपराधी ढेर किए गए। कमिश्नरेट स्तर पर गाजियाबाद सबसे आगे रहा, जहां 789 मुठभेड़ों में 18 अपराधी मारे गए। इसके अलावा कानपुर जोन में 12, लखनऊ कमिश्नरेट में 12, प्रयागराज जोन में 11, आगरा कमिश्नरेट में 10, गौतमबुद्ध नगर में 9, गोरखपुर जोन और वाराणसी कमिश्नरेट में 8-8 अपराधी मुठभेड़ों में मारे गए।
'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत केवल मुठभेड़ों तक ही कार्रवाई
सरकार का दावा है कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत केवल मुठभेड़ों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि गैंगस्टर एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), संपत्ति कुर्की और माफिया नेटवर्क पर आर्थिक प्रहार जैसी प्रभावी कार्रवाइयों को भी तेज किया गया। संगठित अपराध, अवैध वसूली और माफिया गतिविधियों पर सख्ती के चलते अपराधियों में कानून का भय बढ़ा है और कई अपराधियों ने प्रदेश छोड़ दिया।
अभियानों का उद्देश्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना
योगी सरकार के अनुसार इन लगातार अभियानों का उद्देश्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना, अपराधियों के मन में भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना रहा है। सरकार का कहना है कि पिछले नौ वर्षों में उठाए गए इन कदमों से उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण की दिशा में आगे बढ़ा है।
Written By: Geeta Sharma
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