भोपाल/ग्वालियर/इंदौर: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने बुधवार को कई जिलों में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।

यह प्रदर्शन 28 सितंबर को भोपाल में प्रदेश कांग्रेस के बड़े प्रदर्शन के बाद किया गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उस दौरान कहा था कि पार्टी सभी जिलों में आंदोलन को तेज करेगी और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी।

ग्वालियर में कांग्रेस विधायक ने लगाए आरोप

ग्वालियर में कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि SIR और मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा हटाने से जुड़ी चिंताओं पर चुनाव आयोग ने गंभीरता से विचार नहीं किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देशभर में इस मुद्दे को उठा रहे हैं। गुर्जर ने दावा किया कि देश में करीब 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इसके लिए CEC ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए।

हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटने के आंकड़े और प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच दावे और विवाद जारी हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से हटाए गए थे।

इंदौर में भी प्रदर्शन

इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने CEC के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

देवास में पुतला लेकर निकाला जुलूस

देवास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला लेकर सांकेतिक अंतिम यात्रा निकाली। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर पुतला जलाया गया। प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर CEC के इस्तीफे की मांग की।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर भी उठे सवाल

SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर हाल के दिनों में राजनीतिक विवाद तेज हुआ है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की थी। चुनाव आयोग ने इन दावों और मतदाता सूची प्रक्रिया को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

इस बीच, CEC ज्ञानेश कुमार के कामकाज और SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति जताई है।

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