Satya Niketan Building Collapse: सत्या निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राजधानी में अब अपनी State Disaster Response Force (SDRF) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस फोर्स का उद्देश्य आपदा या किसी बड़े हादसे के दौरान राहत और बचाव कार्य को तेजी से अंजाम देना होगा।
दिल्ली सचिवालय में National Disaster Response Force (NDRF) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें दिल्ली के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस SDRF टीम तैयार करने को लेकर जरूरी सुझाव लिए गए।
सत्या निकेतन हादसे के बाद तेज हुआ फैसला
यह फैसला 6 सितंबर को सत्या निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद सामने आया है। पांच मंजिला इमारत के ढहने से 7 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में पांच छात्र और दो मजदूर जान गंवा बैठे थे। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्या निकेतन इलाके में यह इमारत छात्रों के लिए हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी। इमारत श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के सामने स्थित थी।
NDRF की मदद के लिए सीएम ने जताया आभार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्या निकेतन हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान में तेजी से कार्रवाई करने के लिए NDRF की टीम का आभार जताया। सरकार का मानना है कि दिल्ली की अपनी प्रशिक्षित आपदा प्रतिक्रिया टीम होने से भविष्य में ऐसे हालात में बाहरी सहायता का इंतजार किए बिना तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी।
PWD मंत्री ने बताया बड़ा कदम
दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने SDRF के गठन की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय लोगों को सबसे ज्यादा मदद और भरोसे की जरूरत होती है। दिल्ली में प्रशिक्षित राहत एवं बचाव दल होने से आपदा के दौरान जरूरतमंदों तक सहायता और तेजी से पहुंचाई जा सकेगी।
सरकार के मुताबिक प्रस्तावित SDRF को आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों से लैस किया जाएगा, ताकि बिल्डिंग गिरने, प्राकृतिक आपदा और अन्य आपात स्थितियों में राजधानी में तत्काल राहत-बचाव अभियान शुरू किया जा सके।