Bengaluru News: कहते हैं गुस्से में आदमी अपना मानसिक संतुलन खो देता है। इसी गुस्से में वह कई बार खौफनाक कदम भी उठा लेता है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आया है। जहां अपनी पत्नी से नाराजगी के चलते एक कैब ड्राइवर ने ससुराल पक्ष के 7 लोगों का मर्डर कर दिया है। इस कथित हत्याकांड में आरोपी की सास, साले और सालियां भी शामिल बताई जा रही हैं। घटना की खबर सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। फिलहाल मामले में पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शवों को फेंका

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर अपने घर के अंदर पीड़ितों को पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद उनकी लाशों को चिक्काबल्लापुर समेत बेंगलुरु में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया। शक है कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ बार-बार होने वाली बहस और झगड़े से गुस्सा था। कहा जा रहा है कि पीड़ितों की हत्या अलग-अलग दिनों में की गई। आरोपी की पहचान शेखर उर्फ ​​इंदुशेखर के तौर पर हुई है। उसने कथित तौर पर बेंगलुरु के राजाजीनगर में बश्याम सर्कल के पास अपने घर पर दो दिनों में हत्या की और फिर कुछ लाशों को चिक्काबल्लापुरा के पास अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। राजाजीनगर पुलिस ने पुलिस ने शेखर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।

हत्याकांड की वजह

घरेलू विवाद और मायके से संपर्क इन हत्याकांड के पीछे की असली वजह बताई जा रही है। आरोपी इंदु शेखर अपनी पत्नी सुनीता के व्यवहार और उसके लगातार अपने मायके वालों के संपर्क में रहने से नाराज था। पति-पत्नी के बीच होने वाले झगड़ों में जब भी आरोपी अपनी सास या सालों से शिकायत करता, तो वे हमेशा सुनीता का ही पक्ष लेते थे। इसी बात से खुन्नस खाकर उसने पूरे परिवार को खत्म करने की खौफनाक साजिश रची।

कैसे दिया वारदात को अंजाम?

एक-एक करके आरोपी ने सभी हत्याओं को अंजाम दिया है। आरोपी ने इन हत्याओं को एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग दिनों में एक-एक करके अंजाम दिया। हत्यारे में मानवता की हदे पार कर हत्या को अंजाम देने के लिए सिलबट्टे का भी इस्तेमाल किया है। उसने सबसे पहले अपनी पत्नी को मारा। इसके बाद अपने सालों को पार्टी देने के बहाने घर बुलाया और उनकी हत्या कर दी। फिर उसने बाकी सदस्यों को भी ठिकाने लगा दिया।

सबूत मिटाने का प्रयास

हत्याओं के बाद आरोपी ने शवों को अपनी कार में लादा और बेंगलुरु तथा चिक्काबल्लापुर के अलग-अलग सुनसान इलाकों में फेंक दिया। खून के धब्बे और सबूत मिटाने के लिए उसने रसायनों (केमिकल्स) का भी इस्तेमाल किया।

मृतकों की पहचान

1. सुनीता (आरोपी की पत्नी)
2. रूपावती (सास)
3. शिवकुमार (साला)
4. शंकर (साला)
5. दिव्या (सलहज/भाभी)
6. नलिनी (सलहज/भाभी)
7. पुनीत (7 वर्षीय मासूम बच्चा, शिवकुमार का बेटा)

मामला कैसे खुला?

परिवार की एक बहू (नलिनी) के अचानक लापता होने के बाद उसकी मां ने श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। जब पुलिस ने जांच शुरू की और इंदु शेखर को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसके बयानों में विरोधाभास मिला। कड़ाई से पूछताछ करने पर इस दिल दहला देने वाले सामूहिक हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने नंदी हिल्स की तलहटी के पास से 7 साल के बच्चे पुनीत का शव बरामद कर लिया है और बाकी शवों की तलाश के लिए तलाशी अभियान चला रही है।

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