लखनऊ: दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि असहमति की आवाज को दबाने और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने के तरीके अधिकारियों ने हिटलर से सीखे हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में दिल्ली में सुरक्षा बलों की कार्रवाई की तुलना एडोल्फ हिटलर के शासन के तरीकों से की। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा, “इन लोगों ने हिटलर से सीखा है। हमारी बेटियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोग यूपी के हैं। सुनने में आ रहा है कि वे गाजियाबाद के हैं। हिटलर के सैनिक भी ऐसा ही करते थे। वे दूसरे राजनीतिक कार्यकर्ताओं को इसी तरह पीटते थे।”
CJP प्रदर्शन में हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई की मांग
अखिलेश यादव ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों को तत्काल रिहा करने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए और उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
सपा प्रमुख ने कहा, “सरकार ने जिन छात्रों को गिरफ्तार किया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। कौन नहीं जानता कि चुनाव आयोग चोर है? कौन नहीं जानता कि चुनाव आयोग बीजेपी के लिए काम करता है! बीजेपी को चुनाव आयोग के अंदर ही अपना कार्यालय खोल लेना चाहिए।”
Form 7 और वोट काटने के आरोपों पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से कथित तौर पर गलत तरीके से नाम हटाए जाने के मामलों को लेकर भी चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि कथित फर्जी Form 7 के मामलों में क्या कोई कार्रवाई की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना है, लेकिन इसके बजाय वोट काटे जा रहे हैं। सपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि उसे खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता बीजेपी को रोकेगी। उन्होंने कहा, “चुनाव आयुक्त को खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए। 2027 के चुनाव में जनता ही बीजेपी को रोकने जा रही है।”
CJP प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में बढ़ाई गई थी सुरक्षा
अखिलेश यादव की यह टिप्पणी शनिवार को दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के बाद आई है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस दौरान जंतर-मंतर और राजधानी के अन्य इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी तथा कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, CJP के अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को विमान से हिरासत में लिया गया। गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई और 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखे गए। इन कदमों को लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शन की स्वतंत्रता पर सवाल उठे।
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, CPI(M) नेता पिनराई विजयन और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने की भी खबर सामने आई। रिपोर्ट में राजधानी में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या करीब 1,000 बताई गई है।
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