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अलीगंज हादसे पर प्रशासन सख्त: LDA का आदेश जारी, खुद ध्वस्त करें बिल्डिंग, नहीं तो LDA करेगा जमींदोज
लखनऊ के अलीगंज में एक बिल्डिंग में 21 जून, सोमवार को भीषण आग लगी। जिसके बाद आसपास के पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वहीं घटनी की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची।
लखनऊ के अलीगंज में एक बिल्डिंग में 21 जून, सोमवार को भीषण आग लगी। जिसके बाद आसपास के पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वहीं घटनी की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जानकारी के अनुसार इस घटना में अभी तक 15 लोगों की जान चली गई है।
हादसे पर राष्ट्रपति मुर्मू जताया था दुख
इस हादसे पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू समेत कई दिग्गज नेताओं ने दुख जताया। इसी कड़ी में आज सीएम योगी ने घटना स्थल का निरीक्षण किया, और इस घटना की जांच के लिए सीएम ने SIT का गठन किया है। अब इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अलीगंज बिल्डिंग को लेकर ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किये हैं, जिसमें कहा गया है कि या तो आप खुद इस बिल्डिंग को ध्वस्त करें नहीं तो लखनऊ विकास प्राधिकरण ( LDA) बिल्डिंग को ध्वस्त कर देगा।
किन कारणों से बिल्डिंग में लगी भीषण हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार अलीगंज की जिस जगह पर ये बिल्डिंग बनी है, वो आवासीय है और यहां सिर्फ घर बनाए जा सकते हैं। कोई कमर्शियल एक्टिविटी नहीं हो सकती। सबसे अहम बात की ये इलाका लखनऊ विकास प्राधिकरण के अंदर आता है।
2014 में पास हुआ था आवासीय नक्शा
कहा जा रहा है कि अलीगंज के सेक्टर 'D' के मकान का आवासीय नक्शा 2014 में पास हुआ था। ये प्लॉट 2013 में वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला ने खरीदा और आवासीय नक्शा पास कराया, लेकिन यह कमर्शियल काम्प्लेक्स बन गया।
1992 स्कॉयर फिट है ये प्लाट
LDA के नियमों के अनुसार यहां 3 मीटर आगे 3 मीटर पीछे सेटबैक छोड़ना ज़रूरी होता है यानि 3 मीटर आगे और 3 मीटर पीछे कोई निर्माण नहीं हो सकता, बीच मे आंगन भी होना ज़रूरी है। साथ ही कमर्शियल बिल्डिंग में आने जाने के 2 रास्ते होने चाहिए, लेकिन यहां सिर्फ एक रास्ता है, और इस रास्ते में भी ac की आउटर यूनिट्स लगी हैं। इसी कारण 2016 में इस बिल्डिंग को अवैध भी घोषित किया गया लेकिन कुछ ही दिनों में बिल्डिंग कागज़ो में लीगल हो गई।
बिजली के काम मे भी लापरवाही
बता दें, कि बिजली के काम मे भी लापरवाही हुई है। अच्छी क्वालिटी के तार और सामान नहीं लगाए गए। इसके अलावा एनिमेशन सेंटर में जो निकलने का दरवाज़ा है उसमें जो बायोमेट्रिक सिस्टम लगा था, उसमें ऊपर के फ्लोर में ताला लगा था। वहीं फायर डिपार्टमेंट के नियमों के मुताबिक जो बिल्डिंग पंद्रह मीटर से जांची होती है उन्हें ही NOC लेनी पड़ती है। लेकिन ये बिल्डिंग पंद्रह मीटर से कम ऊंची थी इसलिए फायर NOC नहीं ली गई। सबसे बड़ी खामी ये भी देखी गई कि सामने बिल्डिंग पूरी तरह से बंद थी।
Written By: Geeta Sharma
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