Chennai Super Kings New Captain: इंडियन प्रीमियर लीग में जब से ऋतुराज गायकवाड़ को चेन्नई सुपर किंग्स का कप्तान नियुक्त किया गया है, तब से टीम एक भी बार प्लेऑफ में नहीं पहुंची है। आईपीएल 2026 में यह टीम अंक तालिका में 8वें स्थान पर रही थी। इस प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने ऋतुराज गायकवाड़ को हटाकर संजू सैमसन को कप्तान बनाने की मांग की है।
संजू को कप्तान बनाने की मांग
चेन्नई सुपर किंग्स पिछले तीन संस्करण से प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई है। इसका कारण गायकवाड़ की खराब कप्तानी और टीम सिलेक्शन को माना जा सकता है। वहीं, भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज सदागोप्पन रमेश का इसपर कुछ और मानना है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर की, जिसमें उन्होंने कहा,
‘’ सीएसके कप्तानी के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है और यहां तक कि यह भी सोच रही है कि क्या बदलाव की जरूरत है। संजू सैमसन को कप्तान के रूप में चुना जाना चाहिए क्योंकि वह एक शानदार टीम खिलाड़ी हैं।"
66 मैचों में कप्तानी कर चुके हैं संजू सैमसन
भारत के पूर्व ओपनर ने अपनी वीडियो में आगे कहा, “सीएसके की कप्तानी में बदलाव होना चाहिए और अगर ऐसा होता है, तो सीएसके को संजू सैमसन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सैमसन आईपीएल में 66 मैचों में कप्तानी कर चुके हैं और 33 मैच जीत चुके हैं। इसलिए उनकी सफलता दर 50% है।”
आपको बता दें कि, संजू सैमसन ने काफी समय तक राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी की थी। इस दौरान उन्होंने आरआर को एक बार फाइनल में पहुंचाया, लेकिन गुजरात टाइटंस से हार गई।
सीएसके को कई बदलाव करने होंगे-रमेश
सदागोप्पन रमेश ने यह भी कहा कि चेन्नई को अगर ट्रॉफी जीतनी है तो उनको कई चीजों में बदलाव करने होंगे। सिर्फ संजू को कप्तानी सौंप देने वह चैंपियन नहीं बन जाएगी। रमेश ने कहा, “उनके नेतृत्व में, राजस्थान रॉयल्स ने अच्छा प्रदर्शन किया, फाइनल तक पहुंचा और एक और प्लेऑफ में जगह बनाई। बेशक, सीएसके को कई अन्य चीजों में बदलाव करने की जरूरत है और सिर्फ संजू को कप्तान बनाने से उन्हें ट्रॉफी नहीं मिल जाएगी।”
कौन हैं सदागोप्पन रमेश?
आपने से बेहद कम लोगों ने सदागोप्पन रमेश के बारे में सुना होगा। रमेश ने जनवरी 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया था। इसके बाद उनको भारत के लिए 19 टेस्ट खेलने का मौका मिला, जिसकी 37 पारियों में उन्होंने 37.97 की औसत से 1367 रन बनाए थे। इसमें उनके बल्ले से 2 शतक और 8 अर्धशतक भी निकले।
इसके अलावा उन्होंने 24 वनडे की 24 पारियों में 28.08 की मामूली औसत से 646 रन ठोके थे, जिसमें 6 अर्धशतक शामिल थे। बता दें कि, रमेश को साल 2001 के बाद दोबारा टीम इंडिया में खेलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने तमिलनाडु के लिए काफी लंबा क्रिकेट खेला और फर्स्ट क्लास में अपनी अलग पहचान बनाई।
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