Pregnancy Me Kya Khye: प्रेग्नेंसी के दौरान मां और बच्चे दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त प्रोटीन, आयरन और विटामिन्स जरूरी होते हैं। अगर आप वेजिटेरियन हैं और अंडा या मीट नहीं खाती हैं, तो भी सही डाइट प्लान के जरिए इन पोषक तत्वों की जरूरत पूरी की जा सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक, दाल, पनीर, टोफू, डेयरी प्रोडक्ट्स, नट्स और बीज जैसे कई शाकाहारी विकल्प प्रोटीन के अच्छे स्रोत हो सकते हैं।
प्रेग्नेंसी महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं और बच्चे के विकास के लिए पोषक तत्वों की जरूरत भी बढ़ जाती है। ऐसे में संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना बेहद जरूरी माना जाता है।खासकर प्रोटीन बच्चे के विकास के साथ-साथ मां के शरीर के लिए भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए नॉन-वेज खाना जरूरी नहीं है। सही प्लानिंग के साथ शाकाहारी डाइट भी प्रेग्नेंसी में पर्याप्त पोषण दे सकती है।
दाल से लेकर पनीर-टोफू तक, ये हैं प्रोटीन के वेजिटेरियन सोर्स
ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी की एक्सपर्ट डॉ. पूजा मेहता के मुताबिक, प्रेग्नेंसी में बच्चे के विकास के लिए प्रोटीन जरूरी है, लेकिन इसके लिए मीट या अंडे पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है।
वेजिटेरियन डाइट में प्रोटीन के लिए इन चीजों को शामिल किया जा सकता है:
- दाल
- राजमा
- छोले
- लोबिया
- पनीर
- टोफू
- दूध
- दही
- बादाम
- मूंगफली
- अलग-अलग तरह के बीज
प्रोटीन की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए फूड कॉम्बिनेशन भी महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए दाल-चावल, रोटी-दाल या हुमस के साथ मल्टीग्रेन ब्रेड जैसे कॉम्बिनेशन डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। कोशिश करें कि दिन के हर मुख्य भोजन में प्रोटीन का कोई न कोई स्रोत जरूर हो।
प्रोटीन के साथ आयरन पर भी दें ध्यान
प्रेग्नेंसी में शरीर को सामान्य से ज्यादा आयरन की जरूरत होती है, क्योंकि इस दौरान ब्लड की मात्रा बढ़ती है। शाकाहारी भोजन से मिलने वाले आयरन का शरीर में अवशोषण कुछ मामलों में कम हो सकता है, इसलिए आयरन वाले खाद्य पदार्थों को सही तरीके से डाइट में शामिल करना जरूरी है।पालक, दालें, चुकंदर, गुड़ और आयरन-फोर्टिफाइड अनाज इसके कुछ विकल्प हो सकते हैं। इनके साथ विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे नींबू, संतरा और टमाटर लेने से आयरन के अवशोषण में मदद मिल सकती है।
विटामिन B12 की कमी को न करें नजरअंदाज
वेजिटेरियन प्रेग्नेंट महिलाओं को विटामिन B12 पर भी खास ध्यान देना चाहिए। इसकी कमी मां में कमजोरी जैसी समस्या पैदा कर सकती है और बच्चे के न्यूरोलॉजिकल विकास पर भी असर पड़ सकता है।दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स से कुछ मात्रा में B12 मिल सकता है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच के आधार पर B12 सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में डाइट कैसी होनी चाहिए?
प्रेग्नेंसी के दौरान केवल प्रोटीन ही नहीं, बल्कि आयरन, फोलेट, कैल्शियम, विटामिन B12 और अन्य जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन भी महत्वपूर्ण है। इसलिए केवल किसी एक फूड पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग पौष्टिक खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना बेहतर है।ध्यान रखें कि हर महिला की पोषण संबंधी जरूरत अलग हो सकती है। खासकर सप्लीमेंट्स की मात्रा या किसी विशेष डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर है।