Navratri 2026: शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जम्मू-कश्मीर के मंदिरों में खास इंतजाम किए गए, जबकि लखनऊ के चंद्रिका देवी मंदिर में जलभराव के कारण श्रद्धालुओं की एंट्री रोक दी गई।

शारदीय नवरात्र का आगाज होते ही रविवार सुबह से देशभर के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। जम्मू-कश्मीर के माता वैष्णो देवी मंदिर से लेकर असम के कामाख्या मंदिर और हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर तक भक्तों में उत्साह नजर आया।नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में सजावट, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने और जलभराव के कारण मां चंद्रिका देवी मंदिर में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई।

वैष्णो देवी से सुकर्ला माता मंदिर तक भक्तों की भीड़

जम्मू-कश्मीर के कटरा में शारदीय नवरात्र के पहले दिन उत्सव जैसा माहौल रहा। श्री माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले श्रद्धालु सुबह से ही आधार शिविर पहुंचने लगे। मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित दर्शन ड्योढ़ी पर यात्रियों की लंबी कतारें दिखाई दीं। त्रिकुटा पहाड़ियों के बीच स्थित माता वैष्णो देवी भवन को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है।

सर्कुला माता में उमड़े श्रद्धालु 

वहीं, कठुआ जिले के बिलावर स्थित ऐतिहासिक सुकर्ला माता मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर को फूलों और फलों से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की है। बिलावर के अतिरिक्त उपायुक्त विश्वजीत सिंह ने एएनआई से बातचीत में बताया कि मंदिर परिसर को सजाने के साथ सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए हैं। उनके मुताबिक, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है।

सुकर्ला माता मंदिर में नई धर्मशाला और भंडारे की व्यवस्था

सुकर्ला माता मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है। मंदिर में आने वाले भक्तों ने नए निर्माण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर संतोष जताया। यहां दो मंजिला सराय, पक्के रास्ते और शौचालय जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की जानकारी दी गई। मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार, रविवार सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए थे। नवरात्र के दौरान लगातार बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए भंडारे और व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए फलाहार की व्यवस्था की गई है।

कामाख्या और मनसा देवी मंदिर में भी उमड़े श्रद्धालु

नवरात्र का उत्साह जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं रहा। असम के गुवाहाटी में नीलाचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में भी भक्तों की भीड़ दिखाई दी। दिल्ली में छतरपुर मंदिर और कालीबाड़ी समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। नवरात्र के दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ के साथ व्रत और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

लखनऊ के चंद्रिका देवी मंदिर में क्यों रोकी गई एंट्री?

जहां देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, वहीं लखनऊ के प्रसिद्ध मां चंद्रिका देवी मंदिर में सुरक्षा कारणों से आम लोगों का प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से इलाके में जलभराव की स्थिति बनी, जिसके बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया। प्रवेश पर रोक के बावजूद मंदिर के गर्भगृह में पुजारियों ने नियमित पूजा-अर्चना जारी रखी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आम लोगों को मंदिर परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी गई।