Janmashtami 2026: जन्माष्टमी का पर्व देशभर में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के भक्त उपवास रखते हैं। कुछ लोग निर्जला व्रत करते हैं, जबकि कई लोग फलाहार या सात्विक भोजन के जरिए व्रत पूरा करते हैं। लंबे समय तक कुछ न खाने से कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में व्रत के दौरान सही खान-पान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं जन्माष्टमी व्रत में किन चीजों का सेवन किया जा सकता है।

व्रत से पहले लें हल्का और पौष्टिक आहार

अगर आप लंबे समय तक व्रत रखने वाले हैं, तो व्रत शुरू करने से पहले हल्का और पौष्टिक भोजन करें। इससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिल सकती है। इस दौरान बहुत ज्यादा तला-भुना या मसालेदार भोजन करने से बचें, क्योंकि इससे पेट में भारीपन और अपच की समस्या हो सकती है।

फल और नारियल पानी का करें सेवन

व्रत में केला, सेब, पपीता, अनार और संतरा जैसे फलों का सेवन किया जा सकता है। फलों में प्राकृतिक शुगर, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। इसके अलावा नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने का अच्छा विकल्प है।

साबूदाना और कुट्टू से बनी चीजें

फलाहार में साबूदाना खिचड़ी और कुट्टू के आटे की रोटी या पूड़ी लोकप्रिय विकल्प हैं। हालांकि इन्हें कम तेल या घी में बनाना बेहतर है। बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन खाने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।

दही और मखाना भी हैं बेहतर विकल्प

दही को व्रत के दौरान खाया जा सकता है। यह पाचन के लिए हल्का विकल्प माना जाता है। वहीं मखाने को हल्का भूनकर स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है। इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है।

पानी की कमी न होने दें

जो लोग निर्जला व्रत नहीं रखते, उन्हें पर्याप्त पानी पीते रहना चाहिए। नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं।

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व्रत खोलते समय रखें ध्यान

लंबे उपवास के बाद अचानक भारी भोजन न करें। पहले फल, दही या कोई हल्का तरल पदार्थ लें और फिर धीरे-धीरे सामान्य भोजन शुरू करें। इससे पाचन तंत्र पर अचानक दबाव नहीं पड़ेगा और शरीर आसानी से सामान्य डाइट में लौट सकेगा।