नई दिल्ली: हिंदू पंचांग के अनुसार आज 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को पितृ पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज का दिन धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पितृ पक्ष के दौरान अष्टमी श्राद्ध के साथ आज जितिया व्रत का भी विशेष महत्व है। इस दिन माताएं संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। इसके अलावा आज कालाष्टमी का भी धार्मिक महत्व है।
आज चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा, जबकि सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेगा। दिन में आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। अगर आप आज पूजा-पाठ या कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं तो तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना जरूरी है।
आज की तिथि और पंचांग
3 अक्टूबर को कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी। पंचांग के अनुसार आज आर्द्रा नक्षत्र और वरियान योग रहेगा। चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा। शनिवार होने के कारण आज भगवान शनिदेव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।
पितृ पक्ष में अष्टमी तिथि पर पूर्वजों का स्मरण और श्राद्ध कर्म करने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दौरान श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण और श्राद्ध से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आज जितिया व्रत का महत्व
आज जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष अवसर है। यह व्रत मुख्य रूप से संतान की लंबी आयु और उनके मंगल की कामना के लिए रखा जाता है। इस व्रत में महिलाएं भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं।
कई क्षेत्रों में महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और अगले दिन पारण करती हैं। जितिया व्रत से जुड़ी धार्मिक मान्यता में मातृत्व, संतान की सुरक्षा और परिवार के कल्याण को विशेष महत्व दिया गया है।
आज का शुभ मुहूर्त
आज शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त महत्वपूर्ण रहेगा। यह समय करीब सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक रहेगा। इसके अलावा शाम के समय अमृत काल भी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करते समय शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना अच्छा माना जाता है।
आज राहुकाल का समय
पंचांग में राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। 3 अक्टूबर, शनिवार को राहुकाल करीब सुबह 9:19 बजे से 10:48 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
आज सूर्य देव सुबह करीब 6:20 बजे उदय होंगे और शाम करीब 6:11 बजे सूर्यास्त होगा। हालांकि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
आज भगवान शनिदेव की पूजा का भी दिन
शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन शनिदेव की पूजा, जरूरतमंदों की सहायता और सेवा करने से सकारात्मक फल प्राप्त होता है। कई लोग शनिवार को तिल, तेल, काला कपड़ा या अन्य जरूरत की वस्तुओं का दान भी करते हैं।
3 अक्टूबर 2026 का पंचांग एक नजर में
दिन: शनिवार
तिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी
नक्षत्र: आर्द्रा
योग: वरियान
चंद्र राशि: मिथुन
सूर्य राशि: कन्या
सूर्योदय: करीब 6:20 बजे
सूर्यास्त: करीब 6:11 बजे
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 बजे से 12:39 बजे तक
राहुकाल: 9:19 बजे से 10:48 बजे तक
नोट: पंचांग के तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त के समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। ऊपर दिए गए समय स्थानीय पंचांग के आधार पर हैं।