अक्सर लोग कहते हैं कि रात में बाइक ज्यादा माइलेज देती है। कई राइडर्स का मानना होता है कि दिन के मुकाबले रात में पेट्रोल कम खर्च होता है और बाइक ज्यादा स्मूद चलती है। यह बात सिर्फ अनुभव नहीं, बल्कि कुछ हद तक साइंस और सड़क की परिस्थितियों से भी जुड़ी हुई है। हालांकि ऐसा नहीं है कि रात होते ही बाइक अचानक ज्यादा माइलेज देने लगे, लेकिन कुछ ऐसे कारण जरूर हैं जो फ्यूल की खपत कम करने में मदद करते हैं।

कम ट्रैफिक से बेहतर होता है माइलेज

रात के समय सड़कों पर ट्रैफिक काफी कम हो जाता है। ऐसे में बार-बार ब्रेक लगाने, क्लच दबाने और गियर बदलने की जरूरत कम पड़ती है। बाइक जब लगातार एक समान स्पीड पर चलती है तो इंजन ज्यादा एफिशिएंट तरीके से काम करता है। इससे पेट्रोल की खपत कम होती है और माइलेज बेहतर महसूस होता है।

ये होते है कारण

दिन के समय ट्रैफिक जाम, रेड लाइट और बार-बार रुकने की वजह से इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है। हर बार बाइक को दोबारा स्पीड पकड़ाने में ज्यादा फ्यूल खर्च होता है। वहीं रात में स्मूद राइडिंग के कारण इंजन संतुलित तरीके से चलता है, जिससे माइलेज में थोड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

ठंडा मौसम भी निभाता है भूमिका

रात के समय तापमान दिन की तुलना में कम होता है। ठंडी हवा की वजह से इंजन जल्दी ओवरहीट नहीं होता और उसकी परफॉर्मेंस स्थिर बनी रहती है। ज्यादा गर्म मौसम में इंजन को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फ्यूल कंजम्पशन बढ़ सकता है। हालांकि तापमान का असर बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन लंबी दूरी की राइड में इसका फर्क महसूस किया जा सकता है। इसके अलावा रात में सड़कें अपेक्षाकृत खाली और शांत रहती हैं, जिससे राइडर भी आराम से और नियंत्रित स्पीड में बाइक चलाता है। यह आदत भी बेहतर माइलेज में मदद करती है।

सिर्फ रात नहीं, राइडिंग स्टाइल भी है जरूरी

केवल रात में बाइक चलाने से माइलेज नहीं बढ़ता। अगर राइडर तेज एक्सीलेरेशन करता है, जरूरत से ज्यादा स्पीड में बाइक चलाता है या बाइक की सर्विस समय पर नहीं कराता, तो फ्यूल की खपत बढ़ ही जाएगी। अच्छा माइलेज पाने के लिए जरूरी है कि बाइक की नियमित सर्विस कराई जाए, टायर प्रेशर सही रखा जाए और स्मूद राइडिंग की जाए। सही गियर में नियंत्रित स्पीड पर बाइक चलाना हमेशा बेहतर माइलेज देता है, चाहे दिन हो या रात।

Written By Toshi Shah