मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है और अब यह युद्ध 22वें दिन में पहुंच चुका है। ऑस्ट्रियाई सैन्य विश्लेषक टॉम कूपर ने अमेरिका और इजरायल के रिश्तों में किसी तरह की दरार की बातों को खारिज किया है, उनका मानना है कि इजरायल को पूरा भरोसा है कि उसे अमेरिका का समर्थन लगातार मिलता रहेगा।
युद्ध खत्म करने पर विचार कर रहा अमेरिका- ट्रंप
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका अपने सैन्य अभियान को समाप्त करने पर विचार कर रहा है, उन्होंने कहा कि मिशन का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करना और उसके रक्षा ढांचे को नुकसान पहुंचाना था, जिसमें काफी हद तक सफलता मिल चुकी है।
इजरायल ने तेहरान पर फिर किया हमला
ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। कई इलाकों में विस्फोटों की खबर है और ईरान की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई है। इस घटनाक्रम से खाड़ी क्षेत्र के देशों में भी तनाव काफी बढ़ गया है।
चीन ने खाद निर्यात पर लगाई रोक
दूसरी ओर, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर असर पड़ा है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान मिलकर इसे फिर से खोलने की योजना बना रहे हैं, लेकिन इसके लिए युद्धविराम जरूरी माना जा रहा है। इसी बीच चीन ने खाद (फर्टिलाइज़र) के निर्यात पर रोक लगा दी है, जिससे वैश्विक स्तर पर कृषि संकट की आशंका बढ़ गई है।
इराक से पोलैंड ने अपने सैनिक को वापस बुलाया
सुरक्षा हालात बिगड़ने के चलते पोलैंड ने इराक से अपने सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला लिया है। रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक कामिश ने बताया कि यह कदम संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
ईरान ने जपान के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की दी अनुमति
वहीं ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह जापान से जुड़े जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने के लिए तैयार है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि सुरक्षित समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सहयोग की संभावना बनी हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने मिलिट्री ट्रूप्स भेजने से किया इनकार
अमेरिका की ओर से यह भी साफ किया गया है कि फिलहाल मिडिल ईस्ट में सैनिक नहीं भेजे जाएंगे, हालांकि अन्य विकल्प खुले हैं। इसी दौरान ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के अत्याधुनिक F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
Written By Toshi Shah