आज लगभग हर घर में बिजली के बल्ब का इस्तेमाल होता है, लेकिन कई लोगों को यह शिकायत रहती है कि उनके घर के बल्ब बार-बार फ्यूज हो जाते हैं। इससे न केवल बार-बार नया बल्ब खरीदना पड़ता है, बल्कि समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। यदि आपके घर में भी यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसके पीछे कुछ सामान्य तकनीकी कारण हो सकते हैं। इन कारणों को समझकर आप इस परेशानी को काफी हद तक दूर कर सकते हैं।
वोल्टेज में बदलाव से बढ़ता है खतरा
बल्ब जल्दी खराब होने का सबसे बड़ा कारण बिजली के वोल्टेज का अस्थिर होना है। जब सप्लाई में अचानक वोल्टेज बढ़ या घट जाता है, तो बल्ब पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे उसका फिलामेंट या अंदरूनी सर्किट खराब हो सकता है। गर्मियों के मौसम या आसपास भारी विद्युत उपकरण चलने के दौरान वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की संभावना अधिक रहती है। इस समस्या से बचने के लिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले ब्रांडेड बल्ब खरीदें। सस्ते या लोकल उत्पाद अक्सर हल्के वोल्टेज बदलाव भी सहन नहीं कर पाते। यदि आपके क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या आम है, तो घर में वोल्टेज स्टेबलाइजर लगवाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे बिजली की सप्लाई संतुलित रहती है और बल्ब सुरक्षित रहते हैं।
वायरिंग और होल्डर की भी करें जांच
कई बार खराबी बल्ब में नहीं, बल्कि उसके होल्डर या घर की वायरिंग में होती है। यदि होल्डर ढीला हो, उसमें जंग लग गई हो या संपर्क ठीक से न बन रहा हो, तो बल्ब को बार-बार करंट का झटका लग सकता है। इससे उसकी उम्र कम हो जाती है। इसके अलावा, यदि घर की वायरिंग काफी पुरानी हो चुकी है या उसमें कोई तकनीकी खराबी है, तो इसका असर केवल बल्ब ही नहीं बल्कि पंखे और अन्य बिजली के उपकरणों पर भी पड़ सकता है। इसलिए समय-समय पर वायरिंग की जांच करवाना फायदेमंद रहता है।
ज्यादा गर्मी भी बन सकती है वजह
बल्ब का जरूरत से ज्यादा गर्म होना भी उसके जल्दी खराब होने का एक प्रमुख कारण है। यदि उसे ऐसी जगह लगाया गया है जहां हवा का पर्याप्त आवागमन नहीं होता, तो उसकी गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और वह जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए कोशिश करें कि बल्ब ऐसी जगह लगाया जाए जहां वेंटिलेशन ठीक हो। साथ ही, बल्ब लगाते समय उसे जरूरत से ज्यादा कसकर न घुमाएं, क्योंकि इससे होल्डर और कनेक्शन पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है, जो आगे चलकर खराबी की वजह बन सकता है।
Written By Toshi Shah