LPG CNG PNG Gas: आज से पहले आपने घर में इस्तेमाल होने वाली LPG या कार में चलने वाली CNG के बारे में सुना होगा। लेकिन हाल के मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण भारत में बढ़े गैस संकट के बीच, आप अक्सर LPG, CNG, PNG और LNG के नाम सुनते होंगे। हाल ही में सरकार ने PNG कनेक्शन वालों के लिए नया आदेश जारी किया, जिसमें उनके लिए LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। तो अब सवाल उठता है की ये सभी गैसें हैं, फिर इनके नाम अलग क्यों हैं और इस्तेमाल भी अलग-अलग क्यों होता है? दरअसल, इनका स्रोत, भंडारण और उपयोग का क्षेत्र अलग होता है, इसलिए हर गैस की अपनी खास भूमिका होती है। इस लेख में हम आपको LPG, CNG, PNG और LNG के बीच का असली फर्क समझाने जा रहे हैं।

एलपीजी (LPG)

LPG यानी Liquefied Petroleum Gas वही गैस है जो हमारे घरों के लाल सिलेंडर में मिलती है। इसे तरल पेट्रोलियम गैस इसलिए कहते हैं क्योंकि इसे उच्च दबाव में तरल रूप में सिलेंडर में भरा जाता है। यह मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है। एलपीजी हवा से भारी होती है, इसलिए रिसाव होने पर यह जमीन पर जम जाती है।

पीएनजी (PNG)

PNG यानी Piped Natural Gas अब बड़े शहरों में सीधे पाइप के जरिए आपके चूल्हे तक पहुँचती है। इसमें मुख्य गैस मीथेन होती है। PNG हवा से हल्की होती है, इसलिए रिसाव होने पर यह तुरंत ऊपर उठ जाती है, जिससे आग लगने का खतरा LPG की तुलना में कम होता है। इसके लिए आपको सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग का इंतजार नहीं करना पड़ता।

सीएनजी (CNG)

CNG यानी Compressed Natural Gas मुख्य रूप से वाहनों (कार, बस, ऑटो) में ईंधन के रूप में इस्तेमाल होती है। CNG और PNG दोनों नेचुरल गैस के रूप हैं, लेकिन CNG को अधिक दबाव में कंप्रेस करके छोटे सिलेंडर में भरा जाता है। यह पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है। जहां LPG रिफाइनरी में तेल शुद्धिकरण के दौरान बनती है, वहीं PNG और CNG प्राकृतिक रूप से जमीन और समुद्र के नीचे से निकाली जाती हैं।

नाम अलग, काम भी अलग

सरल शब्दों में कहें तो LPG, PNG, CNG और LNG का काम अलग-अलग होता है।

LPG – आमतौर पर सिलेंडर में भरकर घरों तक पहुंचती है।

PNG – पाइपलाइन के जरिए सीधे रसोई तक आती है।

CNG – वाहनों को चलाने के लिए इस्तेमाल होती है।

LNG – गैस को लंबी दूरी तक पहुंचाने का तरीका है।

Written By - Namita Verma