सुबह उठने पर आंखों के चारों ओर सूजन होना अक्सर सामान्य थकान, रात देर तक जागना या सोने की मुद्रा के कारण समझा जाता है, लेकिन यह लक्षण कभी-कभी गंभीर स्वास्थ्य समस्या, विशेष रूप से गुर्दे की कार्यक्षमता में कमी, का संकेत भी हो सकता है। नेफ्रोलॉजिस्ट के अनुसार, आंखों और चेहरे की सूजन गुर्दे की बीमारी के शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकती है।

गुर्दे की बीमारी में का होता है असर

सुबह की आंखों की सूजन, जिसे पेरिऑर्बिटल पफीनेस कहते हैं, अक्सर नेफ्रॉन (गुर्दे की फिल्टरिंग यूनिट) के कमजोर होने के कारण होती है। जब गुर्दा सही तरीके से काम नहीं करता, तो प्रोटीन जैसे एल्ब्यूमिन का यूरिन में रिसाव शुरू हो जाता है। एल्ब्यूमिन ब्लड में तरल पदार्थ को संतुलित रखने में मदद करता है, अगर यह प्रोटीन ब्लड से बाहर निकलता है, तो शरीर के टिशू में तरल जमा होने लगता है, जिससे चेहरे और विशेष रूप से आंखों के नीचे सूजन दिखाई देती है।

सुबह अधिक सूजन क्यों होती है?

सोते समय शरीर सपाट स्थिति में रहता है, जिससे गुरुत्वाकर्षण के कारण तरल पदार्थ शरीर के ऊपरी हिस्सों, जैसे आंखों के नीचे जमा हो जाता है। दिन के दौरान यह तरल पैरों और एंकल की ओर चला जाता है, इसलिए दिन में सूजन कम दिखाई देती है।

अन्य लक्षण और चेतावनी संकेत

आंखों की सूजन हमेशा गुर्दे की समस्या का संकेत नहीं होती। यह नींद की कमी, एलर्जी, अत्यधिक नमक का सेवन या शरीर में पानी की कमी के कारण भी हो सकती है। लेकिन यदि सूजन लगातार बनी रहे और इसके साथ अन्य लक्षण जैसे झागदार यूरिन लगातार एंकल में सूजन, थकान, कमजोरी या बढ़ा हुआ ब्लड शुगर दिखाई दें, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

किन लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए?

डायबिटीज़ के मरीज यानी उच्च ब्लड शुगर वाले लोग और जिनके परिवार में गुर्दे की बीमारी का इतिहास है, उन्हें आंखों की सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। गुर्दे का स्वास्थ्य हार्ट और ब्लड शुगर नियंत्रण जैसी अन्य प्रणालियों से जुड़ा होता है, इसलिए शुरुआती चेतावनी संकेतों की अनदेखी करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

 Written By Toshi Shah