PM Modi Assam Visit: असम के दौरे पर 13 और 14 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहने वाले हैं। आपको बता दें की इस दौरान वे कोकराझार, गुवाहाटी और सिलचर में 47,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, रेल, ऊर्जा, जलमार्ग और पर्यटन से जुड़ी बड़ी योजनाएं शामिल हैं। यह दौरा असम के आर्थिक और सामाजिक विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके बाद 14 मार्च को ही प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल के दौरे पर भी जाएंगे।
असम माला 3.0 समेत कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम असम के तीन प्रमुख शहरों में तय किया गया है। आज दोपहर करीब 1:30 बजे वे कोकराझार में लगभग 4,570 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। बता दें की इसके बाद शाम करीब 5 बजे गुवाहाटी में प्रधानमंत्री लगभग 19,680 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
वहीं 14 मार्च को सिलचर में प्रधानमंत्री करीब 23,550 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जिनमें शिलांग-सिलचर एक्सेस कंट्रोल्ड हाई स्पीड कॉरिडोर प्रमुख है। इस 166 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के विकसित होने से यात्रा समय काफी घटेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके अलावा सिलचर में एनएच-306 पर एलिवेटेड कॉरिडोर और करीमगंज में कृषि कॉलेज की आधारशिला भी रखी जाएगी। कोकराझार में प्रधानमंत्री असम माला 3.0 परियोजना का भूमि पूजन भी करेंगे। यह राज्य की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में से एक है, जिसके तहत पूरे असम में 900 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना से राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी और राज्यों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
I will be in Assam and West Bengal over the next two days to attend programmes in Kokrajhar, Guwahati, Silchar and Kolkata. These programmes will present a wonderful opportunity to interact with the people of these states. Various development works will also be inaugurated.…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 12, 2026
कामाख्या मंदिर
आपको बता दें की सबसे अहम घोषणा कामाख्या मंदिर तक पहुंच को आसान बनाने वाली रोपवे परियोजना से जुड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी कामाख्या रेलवे स्टेशन को सीधे मंदिर से जोड़ने वाले रोपवे का शिलान्यास करेंगे। इस रोपवे में आधुनिक मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला तकनीक का उपयोग किया जाएगा और इसकी क्षमता रोजाना करीब 17 हजार यात्रियों को ले जाने की होगी। इससे श्रद्धालुओं का समय बचेगा, यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी और गुवाहाटी की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
Written By - Namita Verma