आज के समय में नई कारों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसके कारण हर किसी के लिए नई गाड़ी खरीदना आसान नहीं रह गया है। यही वजह है कि सेकंड हैंड या यूज्ड कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कम बजट में कार खरीदने का सपना पूरा करने के लिए लोग पुरानी गाड़ियों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, इस्तेमाल की हुई कार खरीदना फायदेमंद तो हो सकता है, लेकिन बिना पूरी जांच-पड़ताल के किया गया सौदा भविष्य में भारी पड़ सकता है। अक्सर खरीदार कार की बाहरी चमक, नया पेंट या कम ओडोमीटर रीडिंग देखकर प्रभावित हो जाते हैं। लेकिन सिर्फ इन बातों के आधार पर फैसला लेना सही नहीं है। किसी भी पुरानी कार को खरीदने से पहले उसके जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड की जांच करना बेहद जरूरी होता है।
सर्विस हिस्ट्री और इंश्योरेंस रिकॉर्ड देखें
किसी भी इस्तेमाल की हुई कार की वास्तविक स्थिति जानने का सबसे अच्छा तरीका उसकी सर्विस हिस्ट्री होती है। कार मालिक से अधिकृत सर्विस सेंटर के रिकॉर्ड या सर्विस बुक की मांग करें। यदि संभव हो तो कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म या ऐप के माध्यम से भी रिकॉर्ड की पुष्टि करें। इससे यह पता चल जाता है कि वाहन का नियमित रखरखाव हुआ है या नहीं। साथ ही, ओडोमीटर से छेड़छाड़ की संभावना भी काफी हद तक सामने आ जाती है। इंश्योरेंस रिकॉर्ड की जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि वाहन पर बार-बार इंश्योरेंस क्लेम किया गया है, तो यह संकेत हो सकता है कि कार किसी दुर्घटना का शिकार रही है। वहीं, अच्छा नो-क्लेम बोनस रिकॉर्ड यह दर्शाता है कि वाहन को सावधानी से इस्तेमाल किया गया है।
आरसी (RC) की स्थिति की पुष्टि करें
डील फाइनल करने से पहले वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) की जानकारी ऑनलाइन जरूर जांचें। इसके लिए आप Ministry of Road Transport and Highways के वाहन पोर्टल या संबंधित ऐप का उपयोग कर सकते हैं। आरसी स्टेटस से यह जानकारी मिल जाती है कि वाहन पर कोई सक्रिय बैंक लोन तो नहीं है। कई बार चोरी की गाड़ियां या वित्तीय विवादों में फंसे वाहन भी बिक्री के लिए पेश कर दिए जाते हैं। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि वाहन किसी कानूनी विवाद या प्रशासनिक कार्रवाई के कारण ब्लैकलिस्टेड न हो। यदि आरसी विवरण में किसी प्रकार की विसंगति दिखाई दे, तो ऐसे वाहन से दूरी बनाना ही बेहतर होता है।
लंबित चालानों की जांच करना न भूलें
कई मामलों में वाहन मालिक ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े बकाया चालानों की जानकारी छिपाकर कार बेच देते हैं। वाहन ट्रांसफर होने के बाद यह परेशानी नए मालिक के सामने आ सकती है। इसलिए वाहन का नंबर डालकर ट्रैफिक विभाग की वेबसाइट पर लंबित चालानों की स्थिति जरूर जांचें। यदि कोई बकाया चालान मौजूद हो, तो विक्रेता से पहले उसका भुगतान करवाना समझदारी होगी।
कानूनी रिकॉर्ड भी करें सत्यापित
वाहन खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसका किसी गंभीर आपराधिक मामले, जैसे हिट-एंड-रन या अन्य कानूनी विवाद से संबंध न रहा हो। उपलब्ध न्यायिक और स्थानीय रिकॉर्ड के माध्यम से इसकी पुष्टि की जा सकती है।
Written By Toshi Shah