दक्षिणी इज़रायल का शहर डिमोना, जो भारतीय समुदाय की वजह से ‘लिटिल इंडिया’ के नाम से जाना जाता है, ईरान की मिसाइलों के हमले से दहला हुआ है। डिमोना अपने परमाणु अनुसंधान केंद्र के लिए भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों के अनुसार, मिसाइल सीधे शहर के केंद्र में गिरी, जिससे आसपास के घरों और इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा। हालांकि परमाणु केंद्र में कोई प्रत्यक्ष नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन यह घटना शहरवासियों के लिए बड़े खतरे का संकेत बन गई।
घायल हुए लोग
हमले के समय कई नागरिक अपने घरों या काम पर थे। मिसाइल के विस्फोट से कम से कम 47 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सबसे चिंता का विषय है। स्थानीय अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड तैयार किए गए हैं और घायल लोगों को प्राथमिक चिकित्सा दी जा रही है। विस्फोट के कारण कई घरों और दुकानों में भी नुकसान हुआ है, जिससे शहर में डर और अराजकता का माहौल बन गया।
एयर डिफेंस सिस्टम
विशेषज्ञों के अनुसार, इस हमले में इज़रायली एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल को रोकने में सफलता नहीं पाई। मिसाइल सीधे नागरिक क्षेत्र में जा गिरी। इज़रायली सेना ने भी माना कि इंटरसेप्ट करने में खामी हुई। यह घटना सुरक्षा के नजरिए से गंभीर चेतावनी है और प्रशासन को आगामी हमलों से निपटने के लिए और अधिक सतर्क होने की जरूरत को दर्शाती है।
स्थानीय समुदाय और सुरक्षा व्यवस्था
डिमोना में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। शहर का यह हिस्सा सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से ‘लिटिल इंडिया’ के रूप में जाना जाता है। हमले के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और नागरिकों को घरों में सुरक्षित रहने की चेतावनी दी है। पुलिस और बचाव दल इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को तैनात किया गया है।
ईरान-इज़रायल तनाव का हाल
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला ईरान द्वारा इज़रायल के नतांज परमाणु केंद्र पर कथित हमलों का प्रतिशोध है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि परमाणु केंद्र में रेडिएशन संबंधी कोई खतरा नहीं है। यह घटना न सिर्फ इज़रायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ा रही है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है।
written by: Anushka sagar