मिडिल ईस्ट में हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। इसी बीच Strait of Hormuz को लेकर Iran ने एक बड़ा कदम उठाया है। खबरों के मुताबिक, ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने वाले कुछ जहाजों से लगभग 2 मिलियन डॉलर (करीब 18.8 करोड़ रुपये) का शुल्क लेने का फैसला किया है। इसे वैश्विक शिपिंग रूट पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रांजिट शुल्क लेना जरूरी हो गया- ईरानी संसद
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाएद्दीन बोरूजेर्दी ने कहा कि यह शुल्क पहले ही लागू किया जा चुका है, उनके अनुसार, कई दशकों के बाद यह कदम इस जलमार्ग पर ईरान के प्रभाव और अधिकार को दर्शाता है, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बढ़ती युद्ध लागतों के चलते इस तरह का ट्रांजिट शुल्क लेना जरूरी हो गया है।
ईरान की ताकत और नियंत्रण को दिखाता हैं- बोरूजेर्दी
बोरूजेर्दी ने स्पष्ट किया कि यह फैसला केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी है, जो इस्लामिक रिपब्लिक की ताकत और नियंत्रण को दिखाता है।
Trump ने दी चेतावनी
यह बयान Donald Trump की हालिया चेतावनी के बाद आया है। ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर इस जलसंधि को नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बना सकता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बोरूजेर्दी ने कहा कि इज़रायल के ऊर्जा केंद्र भी ईरान की पहुंच में हैं और उन्हें बहुत कम समय में तबाह किया जा सकता है।
Written By Toshi Shah